
दुर्लभ खनिजों पर नियंत्रण की जंग, इस विषय पर नजर रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए उपयोगी संदर्भ देती है।

म्यांमार सेना का दुर्लभ खनिजों के लिए हमला कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
म्यांमार की सेना ने चीन और भारत की सीमा के पास स्थित दुर्लभ पृथ्वी खनिजों से समृद्ध क्षेत्रों पर नियंत्रण वापस लेने के लिए बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया है। इन खनिजों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, विंड टरबाइन और आधुनिक रक्षा उपकरणों में होता है, जिससे यह संघर्ष रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। सेना ने कचिन, चिन और कारेन राज्यों में हवाई हमले किए हैं, जहां विद्रोही समूहों ने पिछले वर्षों में नियंत्रण हासिल कर लिया था।
म्यांमार की सेना के नए प्रमुख ये विन ऊ ने मार्च 2026 में कमान संभालने के बाद विद्रोही समूहों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। उनका लक्ष्य आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों, व्यापार मार्गों और खनन बेल्ट पर फिर से नियंत्रण पाना है। इसके लिए सेना ने फलाम शहर, मांडले-म्यित्किना मार्ग और म्यावाड्डी-कावकरेइक राजमार्ग पर अभियान तेज किया है।
विश्लेषकों का मानना है कि सेना का उद्देश्य अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है, जो विद्रोही समूहों द्वारा चीन को खनिज आपूर्ति पर टैक्स लगाने से प्रभावित हुई है। सेना को ईरान से जेट ईंधन की आपूर्ति मिल रही होने की भी अफवाह है, जिससे उसके अभियानों में तेजी आई है। चीन की भूमिका अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस क्षेत्र में उसकी आर्थिक उपस्थिति मजबूत है।
यह संघर्ष 2021 के तख्तापलट के बाद से जारी है, जब सेना ने आंग सान सू ची की सरकार को हटा दिया था। विद्रोही समूहों ने तब से कई रणनीतिक क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है। राष्ट्रपति ने हाल ही में शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा था, लेकिन अधिकांश जातीय सेनाओं ने इसे खारिज कर दिया। मीडिया की पहुंच के अभाव में लड़ाई के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
तथ्य
- म्यांमार की सेना ने चीन और भारत की सीमा के पास दुर्लभ पृथ्वी खनिजों से समृद्ध क्षेत्रों पर हमले शुरू किए हैं।
- सेना के नए प्रमुख ये विन ऊ ने मार्च 2026 में कमान संभाली और विद्रोही समूहों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है।
- कचिन राज्य में स्थित खनन बेल्ट दुनिया के लगभग आधे भारी रेयर अर्थ खनिजों का उत्पादन करता है।
- विद्रोही समूह KIA ने अक्टूबर 2024 में चिपवी और पांगवा क्षेत्रों पर नियंत्रण हासिल किया था।
- सेना ने चिन राज्य में फलाम शहर और म्यावाड्डी-कावकरेइक राजमार्ग पर नियंत्रण के लिए अभियान तेज किया है।
- मीडिया की पहुंच के अभाव में सेना के हमलों और सफलताओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
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