
चीन की ओर से ईरान को हथियार न भेजने का वादा और 200 बोइंग विमानों का ऑर्डर, इस बदलाव की बात किसी दोस्त के साथ भी जानने लायक है जो अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर नजर रखता है।

ट्रंप का दावा: चीन ने ईरान को हथियार नहीं भेजने कहा कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बीजिंग में हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद एक महत्वपूर्ण दावा किया है। उन्होंने कहा कि चीन ने ईरान को सैन्य उपकरण नहीं भेजने पर सहमति जताई है। यह घोषणा ऐसे समय आई है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी है और चीन ईरान का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार रहा है।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में यह भी कहा कि चीन ने अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग से 200 विमान खरीदने पर सहमति दी है। यह ऑर्डर बोइंग के लिए एक बड़ी जीत है, जिसे नौकरियों और उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है। बोइंग के सीईओ केली ऑर्टबर्ग भी ट्रंप के साथ चीन यात्रा पर थे।
हालांकि, ट्रंप ने स्वीकार किया कि चीन ईरान से तेल खरीदना जारी रखेगा। 2025 और 2026 की पहली तिमाही में, चीन ने ईरान से रोजाना लगभग 14 लाख बैरल तेल खरीदा, जो ईरान के कुल तेल निर्यात का 90% से अधिक है। इस तरह, चीन की ऊर्जा नीति और सैन्य निर्यात नीति में अंतर स्पष्ट होता है।
तथ्य
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13-15 मई 2026 के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की।
- ट्रंप का दावा है कि शी जिनपिंग ने ईरान को सैन्य उपकरण नहीं भेजने पर सहमति जताई है।
- चीन ने बोइंग से 200 विमान खरीदने पर सहमति दी, जिसे ट्रंप ने 'बहुत बड़ी बात' बताया।
- चीन 2025 और 2026 की पहली तिमाही में ईरान से रोजाना लगभग 14 लाख बैरल तेल खरीद रहा है।
- चीन ने मई 2025 में अमेरिकी कच्चे तेल की खरीद बंद कर दी थी।
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