
बलूचिस्तान के खनिजों को लेकर बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति, इस विषय पर नजर रखने वाले किसी सहकर्मी के साथ समझने लायक संदर्भ देती है।

बलूचिस्तान में सैन्य तैनाती बढ़ी कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
पाकिस्तान ने बलूचिस्तान प्रांत में खनिज संपदा की सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रखशान डिवीजन में फ्रंटियर कोर की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात करने का निर्देश दिया। इस क्षेत्र में तांबा, सोना और दुर्लभ-मृदा तत्वों के भंडार का अनुमान 1 से 6 ट्रिलियन डॉलर तक लगाया गया है।
बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी गुटों के साथ तनाव का केंद्र रहा है। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) सहित कई समूह पाकिस्तानी सेना और विदेशी कंपनियों के खिलाफ हमले करते रहे हैं। पिछले महीने चगाई में एक खनन परियोजना पर हमले में 10 लोग मारे गए थे।
पाकिस्तान सरकार विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए खनन परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है, लेकिन स्थानीय विरोध और सुरक्षा चिंताएं बनी हुई हैं। बैरिक गोल्ड जैसी कंपनियां रेको डिक परियोजना में सक्रिय हैं, जहां सुरक्षा स्थिति को लेकर सवाल उठे हैं।
तथ्य
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बलूचिस्तान के रखशान डिवीजन में फ्रंटियर कोर की तैनाती का निर्देश दिया, 2026 मई
- बलूचिस्तान के खनिज भंडार का अनुमान 1 से 6 ट्रिलियन डॉलर के बीच है, जिसमें तांबा, सोना और दुर्लभ-मृदा तत्व शामिल हैं
- पिछले महीने चगाई में एक खनन परियोजना पर हमले में 10 लोग मारे गए थे
- बैरिक गोल्ड कंपनी की रेको डिक परियोजना में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है
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