
पाकिस्तानी सेना की आंतरिक चुनौतियां बढ़ रही हैं, खासकर बलूचिस्तान और खैबर में हमलों के बाद — इस विषय पर गौर कर रहे किसी सहकर्मी के लिए यह संदर्भ उपयोगी हो सकता है।

पाकिस्तानी सेना अपने ही घर में हार रही जंग कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
पाकिस्तानी सेना अपने आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रही है, जबकि सेना प्रमुख असीम मुनीर वैश्विक मंच पर अपनी छवि बनाने में व्यस्त हैं। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 में पाकिस्तान को सबसे अधिक प्रभावित देश के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। चरमपंथी समूहों जैसे TTP और BLA ने हाल के महीनों में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में लगातार हमले किए हैं। इनमें 2026 की शुरुआत में BLA द्वारा बलूचिस्तान के 9 जिलों में एक साथ हमले शामिल हैं, जिनमें क्वेटा और ग्वादर भी शामिल थे।
इस्लामाबाद में शिया मस्जिद के बाहर हुए आत्मघाती हमले में 32 से अधिक लोग मारे गए, जिसके लिए ISKP को जिम्मेदार माना गया। बलूच विद्रोहियों ने ग्वादर के पास पाकिस्तानी तटरक्षक बल पर भी हमला किया, जिसमें तीन अधिकारी मारे गए। यह BLA द्वारा समुद्री जहाज पर हमले की पहली दर्ज घटना है।
सेना की आंतरिक कमजोरी उसके वैश्विक दावों के विपरीत है। जहां मुनीर ने अमेरिका-ईरान मध्यस्थता और सऊदी अरब में सैन्य तैनाती के जरिए अपनी ताकत दिखाई, वहीं घर पर सेना चरमपंथियों से लड़ने में असमर्थ दिख रही है। ये चरमपंथी समूह कभी पाकिस्तानी सेना द्वारा संरक्षित थे। अब वे सेना के खिलाफ मजबूत हो रहे हैं।
तथ्य
- ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 में पाकिस्तान को सबसे अधिक प्रभावित देश के रूप में सूचीबद्ध किया गया।
- 28 फरवरी 2026 के बाद से पाकिस्तान में चरमपंथी हमले तेज हुए और 74% हमले खैबर पख्तूनख्वा व बलूचिस्तान में हुए।
- BLA ने 2026 की शुरुआत में बलूचिस्तान के 9 जिलों में एक साथ हमले किए, जिनमें क्वेटा और ग्वादर शामिल थे।
- 30 मार्च 2026 को इस्लामाबाद की शिया मस्जिद के बाहर ISKP द्वारा आत्मघाती हमले में 32 से अधिक लोग मारे गए।
- BLA ने ग्वादर के पास पाकिस्तानी तटरक्षक बल पर हमला किया, जिसमें तीन अधिकारी मारे गए — यह पहली बार था जब समुद्री जहाज पर BLA का हमला दर्ज हुआ।
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