एक अंधेरे, बेहद गर्म ग्रह की कलात्मक छवि, जिसकी एक तरफ तारे की तेज रोशनी पड़ रही है और दूसरी तरफ अंधेरा है। सतह पर ज्वालामुखी लावा या बारीक धूल दिखाई दे रही है।
एक अंधेरे, बेहद गर्म ग्रह की कलात्मक छवि, जिसकी एक तरफ तारे की तेज रोशनी पड़ रही है और दूसरी तरफ अंधेरा है। सतह पर ज्वालामुखी लावा या बारीक धूल दिखाई दे रही है।

यह ग्रह जीवन के लिए बिल्कुल अनुपयुक्त है, लेकिन इसकी समझ हमें चट्टानी ग्रहों के विकास के बारे में बहुत कुछ बता सकती है। अगर आपके कोई दोस्त खगोल विज्ञान में रुचि रखते हैं, तो यह संदर्भ उनके लिए उपयोगी हो सकता है।

जेम्स वेब ने देखा आग का गोला कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने एक दूर के चट्टानी ग्रह LHS 3844 b की सतह से सीधी रोशनी पकड़कर खगोल विज्ञान में नया इतिहास बनाया है। यह ग्रह पृथ्वी से 30% बड़ा है और 48.5 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक लाल बौने तारे के इतने करीब घूमता है कि इसका एक चक्कर महज 11 घंटे में पूरा हो जाता है। इसके कारण ग्रह का एक भाग हमेशा तारे की ओर रहता है और वहां का तापमान लगभग 725 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि इस ग्रह पर कोई वायुमंडल नहीं है, जिसके कारण यह अंतरिक्षीय विकिरण और उल्कापिंडों के प्रभाव के लिए पूरी तरह खुला है। इसकी सतह की तुलना चंद्रमा या बुध से की जा रही है।

LHS 3844 b की सतह की रचना पृथ्वी या मंगल जैसी नहीं है। यहां ग्रेनाइट या सिलिकेट खनिज नहीं मिले, जो सामान्यतः पृथ्वी की क्रस्ट में पाए जाते हैं। इसके बजाय, डेटा से पता चलता है कि यहां की चट्टानें बेसाल्ट जैसी ज्वालामुखी चट्टानों से बनी हैं, जो मैग्नीशियम और लोहे से भरपूर हैं। यह इंगित करता है कि ग्रह की उत्पत्ति ज्वालामुखी गतिविधि से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, जेम्स वेब ने सल्फर डाइऑक्साइड जैसी गैसों के निशान नहीं पाए, जो सक्रिय ज्वालामुखियों से निकलती हैं। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा रहा है कि ग्रह अब ज्वालामुखी रूप से निष्क्रिय है।

वैज्ञानिक दो संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं: या तो यहां हाल ही में एक बड़ा ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था जिसने पूरी सतह को ताजे लावे से ढक दिया, या फिर यह ग्रह लंबे समय से निष्क्रिय है और अंतरिक्ष के मौसम के कारण इसकी सतह धूल में बदल गई है। इस खोज से वैज्ञानिकों को दूर के चट्टानी ग्रहों की सतह और उनके वातावरण के बारे में सीधे अवलोकन करने का पहला अवसर मिला है, जो भविष्य में पृथ्वी जैसे ग्रहों की खोज में मदद करेगा।

तथ्य

  • जेम्स वेब टेलीस्कोप ने LHS 3844 b की सतह से सीधी रोशनी पकड़ी, जो 48.5 प्रकाश वर्ष दूर है।
  • यह ग्रह पृथ्वी से 30% बड़ा है और इसका एक चक्कर महज 11 घंटे में पूरा होता है।
  • ग्रह के दिन-पक्ष का तापमान लगभग 725 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है।
  • इस ग्रह पर पृथ्वी जैसा कोई वायुमंडल नहीं है।
  • सतह की रचना बेसाल्ट जैसी ज्वालामुखी चट्टानों से मिलती है, जो मैग्नीशियम और लोहे से भरपूर है।
  • जेम्स वेब ने सल्फर डाइऑक्साइड जैसी गैसों के निशान नहीं पाए, जो सक्रिय ज्वालामुखियों से निकलती हैं।

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