मंगल ग्रह की सतह पर नासा का क्यूरियोसिटी रोवर ऑर्गेनिक यौगिकों की खोज कर रहा है, जो जीवन के बिल्डिंग ब्लॉक्स के समान हैं।
मंगल ग्रह की सतह पर नासा का क्यूरियोसिटी रोवर ऑर्गेनिक यौगिकों की खोज कर रहा है, जो जीवन के बिल्डिंग ब्लॉक्स के समान हैं।

मंगल पर जीवन के संकेतों की तलाश अब और गहरी हो गई है। अगर आपके कोई दोस्त, परिवारजन या सहकर्मी अंतरिक्ष अनुसंधान में रुचि रखते हैं, तो यह संदर्भ उपयोगी लग सकता है।

मंगल पर मिले जीवन के निशान? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल ग्रह के गेल क्रेटर में सात ऑर्गेनिक यौगिकों का पता लगाया है, जिनमें से पांच पहले कभी मंगल पर नहीं देखे गए। ये यौगिक — जैसे बेंजोथियोफीन, नाइट्रोजन-आधारित यौगिक — जीवन के बिल्डिंग ब्लॉक्स के समान हैं और डीएनए की संरचना से जुड़े हैं। हालांकि, ये जीवन का सीधा सबूत नहीं हैं, क्योंकि ये माइक्रोस्कोपिक जीवों, उल्कापिंडों या भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं से भी उत्पन्न हो सकते हैं।

वैज्ञानिकों का मानना है कि ये अणु लगभग 3 अरब साल पुराने हो सकते हैं, जब मंगल पर पानी था, वातावरण मोटा था और परिस्थितियां जीवन के लिए अनुकूल थीं। आज मंगल का तापमान 100°C तक पहुंच सकता है और वातावरण बेहद पतला है, जिससे सौर विकिरण जीवन के लिए घातक है। फिर भी, ये ऑर्गेनिक पदार्थ सतह के नीचे सुरक्षित रहे होंगे।

यूरोपियन स्पेस एजेंसी का रोजलैंड फ्रैंकलिन रोवर 2028 में लॉन्च किया जाएगा, जो मंगल की सतह से 2 मीटर नीचे तक ड्रिल करेगा, जहां विकिरण कम है और जैविक सामग्री बेहतर संरक्षित हो सकती है। इस खोज से यह सवाल और तेज हो गया है कि क्या मंगल पर कभी जीवन था, और अगर था, तो क्या ब्रह्मांड में जीवन और भी जगह मौजूद हो सकता है।

तथ्य

  • नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल के गेल क्रेटर में सात ऑर्गेनिक यौगिकों का पता लगाया।
  • इनमें से पांच यौगिक पहले कभी मंगल पर नहीं देखे गए।
  • खोजे गए यौगिक डीएनए जैसे बिल्डिंग ब्लॉक्स से जुड़े हैं, लेकिन जीवन का सीधा सबूत नहीं हैं।
  • वैज्ञानिक मानते हैं कि ये अणु लगभग 3 अरब साल पुराने हो सकते हैं।
  • यूरोपियन स्पेस एजेंसी का रोजलैंड फ्रैंकलिन रोवर 2028 में लॉन्च किया जाएगा और 2 मीटर नीचे ड्रिल करेगा।

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