एक अंतरिक्ष यान मंगल ग्रह की ओर एक छोटे रास्ते पर उड़ता हुआ, पृथ्वी और मंगल के बीच एक नए पथ को दर्शाते हुए।
एक अंतरिक्ष यान मंगल ग्रह की ओर एक छोटे रास्ते पर उड़ता हुआ, पृथ्वी और मंगल के बीच एक नए पथ को दर्शाते हुए।

अगर तकनीक तेज हो जाए, तो लाल ग्रह तक का सफर एक महीने भर में हो सकता है। अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले दोस्तों के साथ यह संदर्भ शेयर करना काम आ सकता है।

मंगल तक सिर्फ 33 दिन में? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

ब्राजील के एक खगोलविद मार्सेलो डी ओलिवेरा सूजा ने एक ऐसा रास्ता खोजा है जो मंगल ग्रह तक की यात्रा को काफी कम समय में पूरा कर सकता है। यह खोज 2015 में एक एस्टेरॉयड के गलत डेटा के विश्लेषण के दौरान हुई। उस गलत डेटा ने एक अनोखे रास्ते की संभावना दिखाई, जिसके जरिए अंतरिक्ष यान को बहुत कम समय में मंगल तक पहुंचाया जा सकता है।

सूजा के अनुसार, अक्टूबर 2020 की स्थिति में यह यात्रा सिर्फ 34 दिनों में पूरी हो सकती थी। भविष्य में, विशेष रूप से 2031 में, इस रूट का इस्तेमाल करके मंगल तक का सफर महज 33 दिनों में हो सकता है। यह वर्तमान तीन साल के मिशन समय की तुलना में एक बड़ा बदलाव है।

हालांकि, इस रास्ते के लिए अंतरिक्ष यान को 32.5 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति तक पहुंचना होगा, जो आज की रॉकेट तकनीक के बाहर है। इसलिए, यह खोज अभी एक सैद्धांतिक संभावना है, लेकिन यह भविष्य की अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक नई दिशा दिखाती है।

तथ्य

  • ब्राजील के खगोलविद मार्सेलो डी ओलिवेरा सूजा ने गलती से मंगल तक का शॉर्टकट रास्ता खोजा।
  • 2031 में इस रूट का उपयोग कर मंगल तक की यात्रा 33 दिनों में संभव हो सकती है।
  • इस रास्ते के लिए अंतरिक्ष यान को 32.5 किमी/सेकंड की गति की आवश्यकता है, जो वर्तमान तकनीक से बाहर है।
  • खोज 2015 में एस्टेरॉयड 2001 CA21 के गलत डेटा के विश्लेषण के दौरान हुई।
  • अक्टूबर 2020 की स्थिति में यह यात्रा 34 दिनों में पूरी हो सकती थी।

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