
ये बर्फीले अणु-बादल तारों और पानी की उत्पत्ति के रहस्य समझने में मदद कर सकते हैं। अगर आपके दोस्त खगोल विज्ञान में रुचि रखते हैं, तो यह संदर्भ उपयोगी लग सकता है।

क्या हर बादल की एक बर्फीली परत होती है? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने आकाशगंगा में मौजूद अणु-बादलों (मॉलिक्यूलर क्लाउड) की एक अनोखी तस्वीर जारी की है, जिसमें बर्फीली परतों को चमकीले नीले रंग में दिखाया गया है। यह तस्वीर साइग्नस एक्स क्षेत्र की है, जो तारों के जन्म का सबसे सक्रिय हिस्सा है। अणु-बादल गैस और धूल के विशाल क्षेत्र होते हैं, जहां गुरुत्वाकर्षण के कारण पदार्थ सिकुड़कर नए तारों का निर्माण करता है।
नासा के SPHEREx मिशन के तहत इन बादलों में मौजूद बर्फ का विस्तृत नक्शा तैयार किया जा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इन बादलों में पानी, कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ बर्फ पाई जाती है, जो धूल के सूक्ष्म कणों की सतह पर जमती है। यहीं ब्रह्मांड का अधिकांश पानी बनता और जमा होता है।
मॉलिक्यूलर क्लाउड ब्रह्मांड की सबसे ठंडी जगहों में से एक हैं, जहां तापमान बेहद कम रहता है। यहां की रासायनिक प्रक्रियाएं जीवन की उत्पत्ति के लिए जरूरी तत्वों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नासा का यह मिशन तारों के जन्म और ब्रह्मांड में पानी जैसे तत्वों के गठन की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा।
तथ्य
- नासा ने साइग्नस एक्स क्षेत्र में मौजूद अणु-बादलों की एक अनोखी तस्वीर जारी की है।
- अणु-बादल गैस और धूल के विशाल क्षेत्र हैं जहां बर्फ धूल के कणों पर जमती है।
- इन बादलों में पानी, कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ बर्फ पाई जाती है।
- नासा का SPHEREx मिशन इन बादलों में मौजूद बर्फ का विस्तृत नक्शा तैयार कर रहा है।
- ये बादल तारों के जन्म के स्थल हैं और ब्रह्मांड में पानी जैसे तत्वों के गठन में महत्वपूर्ण हैं।
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