एक दूर के तारे का विस्फोट, जिसके चमकीले अवशेष अंतरिक्ष में फैल रहे हैं, पृष्ठभूमि में आकाशगंगाएँ और धूल के बादल दिखाई दे रहे हैं।
एक दूर के तारे का विस्फोट, जिसके चमकीले अवशेष अंतरिक्ष में फैल रहे हैं, पृष्ठभूमि में आकाशगंगाएँ और धूल के बादल दिखाई दे रहे हैं।

इस विस्फोट ने तारकीय मॉडल के नियम तोड़ दिए हैं, खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए यह संदर्भ ज़रूरी है।

1.6 लाख प्रकाश वर्ष दूर तारे का रहस्यमय विस्फोट कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

पृथ्वी से लगभग 160,000 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक तारे ने असामान्य रूप से तीव्र विस्फोट किया है, जिसने खगोल विज्ञान के मौजूदा सिद्धांतों को चुनौती दी है। यह विस्फोट हबल और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप द्वारा संयुक्त रूप से देखा गया, जो लार्ज मैगेलैनिक क्लाउड के पास एक उपग्रह आकाशगंगा में स्थित है। विस्फोट की अधिकतम चमक एक सामान्य टाइप Ia सुपरनोवा की तुलना में तीन गुना अधिक थी, जबकि उत्सर्जित ऊर्जा लगभग 1.5 × 10⁴⁴ जूल थी — सूर्य के पूरे जीवनकाल की ऊर्जा से 100 गुना अधिक।

वैज्ञानिकों ने जेम्स वेब टेलीस्कोप के निकट-अवरक्त उपकरणों के माध्यम से विस्फोट के अवशेषों का विश्लेषण किया, जिसमें कार्बन और ऑक्सीजन की मात्रा मानक मॉडल की तुलना में काफी अधिक पाई गई। द्रव्यमान हानि की दर मानक अनुमान से पांच गुना अधिक थी, जो वर्तमान सुपरनोवा सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।

इस विस्फोट की व्याख्या के लिए वैज्ञानिक एक नए मॉडल की ओर झुक रहे हैं: दो आपस में जुड़े श्वेत बौने तारों का असममित विलय, जिससे अत्यधिक ऊर्जा और पदार्थ निष्कासन हुआ। यह एक नए प्रकार के सुपरनोवा के अस्तित्व का संकेत दे सकता है, जो ब्रह्मांडीय विकास की समझ को गहरा सकता है।

तथ्य

  • तारा पृथ्वी से लगभग 160,000 प्रकाश वर्ष दूर एक उपग्रह आकाशगंगा में स्थित है।
  • विस्फोट की चमक एक टाइप Ia सुपरनोवा की तुलना में तीन गुना अधिक थी।
  • विस्फोट की ऊर्जा लगभग 1.5 × 10⁴⁴ जूल थी, जो सूर्य के पूरे जीवनकाल की ऊर्जा से 100 गुना अधिक है।
  • विस्फोट के अवशेषों में कार्बन और ऑक्सीजन की मात्रा मानक मॉडल से अधिक थी।
  • द्रव्यमान हानि की दर मानक अनुमान से पांच गुना अधिक थी।
  • वैज्ञानिक इसे दो श्वेत बौनों के असममित विलय का परिणाम मान रहे हैं।

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