एक विशाल सूर्य अंतरिक्ष में चमक रहा है, पृथ्वी दूरी पर छोटी दिख रही है। एक लाल रेखा सूर्य और पृथ्वी के बीच 15 करोड़ किमी की दूरी को दर्शाती है।
एक विशाल सूर्य अंतरिक्ष में चमक रहा है, पृथ्वी दूरी पर छोटी दिख रही है। एक लाल रेखा सूर्य और पृथ्वी के बीच 15 करोड़ किमी की दूरी को दर्शाती है।

सूर्य की रोशनी 8 मिनट पहले की है, यह बात उस दोस्त के लिए भी नई हो सकती है जो खगोल विज्ञान में रुचि रखता है।

सूर्य से 15 करोड़ किमी दूर, फिर भी तपते हैं हम कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

भारत में भीषण गर्मी जारी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सूर्य पृथ्वी से लगभग 15 करोड़ किलोमीटर दूर है? इस विशाल दूरी को खगोल विज्ञान में 1 खगोलीय इकाई (Astronomical Unit - AU) कहा जाता है। कनाडियन स्पेस एजेंसी के अनुसार, यह दूरी ठीक 149.6 मिलियन किलोमीटर है। इसे पार करने में प्रकाश को 8 मिनट 20 सेकंड लगते हैं, जिसका मतलब है कि जब भी हम सूर्य देखते हैं, तो वह उस क्षण का नहीं, बल्कि 8 मिनट पहले का दृश्य होता है।

यह दूरी इतनी विशाल है कि अगर कोई कार से सीधे सूर्य की ओर निकले, तो उसे पहुंचने में 177 साल लग जाएंगे। फिर भी, सूर्य पृथ्वी पर जीवन का आधार है। यह न सिर्फ रोशनी और ऊर्जा देता है, बल्कि मौसम, जल चक्र और पौधों के विकास को भी नियंत्रित करता है। खगोलविद इसी इकाई के आधार पर मंगल (1.5 AU) और बृहस्पति (5.2 AU) जैसे ग्रहों की दूरी को आसानी से समझ पाते हैं।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का पंच (PUNCH) मिशन सूर्य के कोरोना और सौर हवा के उद्गम को समझने के लिए काम कर रहा है। इस मिशन में चार छोटे, सूटकेस जैसे उपग्रह शामिल हैं, जो पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का उद्देश्य यह जानना है कि सौर हवा कहां से शुरू होती है और कैसे सौरमंडल में फैलती है। यह जानकारी भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों और पृथ्वी पर आने वाले सौर तूफानों की भविष्यवाणी में महत्वपूर्ण है।

तथ्य

  • सूर्य और पृथ्वी के बीच की औसत दूरी 149.6 मिलियन किलोमीटर है, जिसे 1 खगोलीय इकाई (AU) कहा जाता है।
  • प्रकाश को सूर्य से पृथ्वी तक पहुंचने में 8 मिनट 20 सेकंड का समय लगता है।
  • नासा का पंच (PUNCH) मिशन सूर्य के कोरोना और सौर हवा के उद्गम का अध्ययन कर रहा है।
  • मंगल ग्रह सूर्य से 1.5 AU और बृहस्पति 5.2 AU दूर है।

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