
ग्रहों का गोलपन गुरुत्वाकर्षण की खींच का नतीजा है, इस विषय में रुचि रखने वाले किसी दोस्त के लिए यह संदर्भ उपयोगी हो सकता है।

ग्रह गोल क्यों होते हैं? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
हमारे सौरमंडल के सभी ग्रह गोल या लगभग गोल आकार के हैं, लेकिन यह आकार क्यों है? इसका मुख्य कारण गुरुत्वाकर्षण है, जो किसी भी बड़े पिंड के केंद्र से समान रूप से हर दिशा में खिंचाव डालता है। जब अंतरिक्ष में धूल, गैस और पत्थर के टुकड़े एकत्रित होते हैं, तो उनका द्रव्यमान बढ़ता है और गुरुत्वाकर्षण शुरू हो जाता है, जो और अधिक पदार्थ को खींचकर एक गोल आकार बनाता है।
हालांकि, सभी ग्रह पूरी तरह से गोल नहीं होते। NASA के अनुसार, तेज घूर्णन के कारण कुछ ग्रह भूमध्य रेखा के पास फूले हुए होते हैं। उदाहरण के लिए, शनि और बृहस्पति बहुत तेजी से घूमते हैं, जिससे उनका मध्य भाग बाहर की ओर धकेला जाता है।
इसके विपरीत, बुध और शुक्र लगभग पूर्ण गोल हैं क्योंकि वे धीमे घूमते हैं। पृथ्वी और मंगल भी लगभग गोल हैं, लेकिन पृथ्वी सिर्फ 0.3% और मंगल 0.6% तक फूले हुए हैं। यूरेनस और नेपच्यून भी थोड़े उभरे हुए हैं — क्रमशः 2.3% और 1.7%। इस प्रकार, ग्रहों का आकार उनके द्रव्यमान, गुरुत्वाकर्षण और घूर्णन गति पर निर्भर करता है।
तथ्य
- ग्रहों का गोल आकार गुरुत्वाकर्षण के कारण होता है, जो सभी दिशाओं में समान खिंचाव डालता है।
- शनि और बृहस्पति तेज घूर्णन के कारण बीच से फूले हुए हैं।
- बुध और शुक्र लगभग पूर्ण गोल ग्रह हैं।
- पृथ्वी का आकार बीच से सिर्फ 0.3% फूला हुआ है।
- यूरेनस 2.3% और नेपच्यून 1.7% तक बीच से चौड़े हैं।
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