
नेपाल की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की यह पहल, इस विषय में रुचि रखने वाले किसी दोस्त के साथ समझने लायक संदर्भ देती है।

नेपाल बनेगा वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
नेपाल अब खुद को वैश्विक आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने संसद में ‘देवभूमि नेपाल’ राष्ट्रीय अभियान की घोषणा की, जिसका उद्देश्य देश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना है। इसके तहत पशुपतिनाथ, मुक्तिनाथ और जनकपुरधाम जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों को वैश्विक प्रचार मिलेगा।
सरकार ने पर्यटन ढांचे को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया है। सभी पर्यटक वीजा सेवाएं अब ऑनलाइन हैं, जिससे विदेशी यात्रियों के लिए प्रवेश आसान होगा। पर्वतारोहण और साहसिक पर्यटन के लिए नई सुरक्षा प्रणालियां विकसित की जाएंगी। भैरहवा और पोखरा के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि यात्रियों का प्रतीक्षा समय कम हो।
इसके अलावा, पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के तहत एक नया तीर्थाटन विभाग बनाया जाएगा, जो महाभारत क्षेत्र से मानस खंड तक बुनियादी सुविधाओं के विकास पर काम करेगा। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए देशभर में 5,000 होमस्टे विकसित किए जाएंगे और ‘नेपाल होमस्टे’ ब्रांड के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़े जाएंगे। इस अभियान के जरिए सरकार नेपाल को एक सुरक्षित, आधुनिक और वैश्विक स्तर का आध्यात्मिक गंतव्य बनाना चाहती है।
तथ्य
- राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने 13 मई 2026 को संसद में ‘देवभूमि नेपाल’ राष्ट्रीय अभियान की घोषणा की।
- अभियान के तहत पशुपतिनाथ, मुक्तिनाथ और जनकपुरधाम जैसे धार्मिक स्थलों को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने की योजना है।
- नेपाल सरकार भैरहवा और पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
- सरकार देशभर में 5,000 होमस्टे विकसित करने और उन्हें ‘नेपाल होमस्टे’ ब्रांड के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना बना रही है।
- पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के तहत एक नया तीर्थाटन विभाग बनाया जाएगा।
- सभी पर्यटक वीजा सेवाएं अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।
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