
होर्मुज स्ट्रेट पर टोल की नई व्यवस्था भारत समेत सभी देशों के लिए महत्वपूर्ण है। अगर आपके दोस्त या सहकर्मी अंतरराष्ट्रीय व्यापार या राजनीति पर नजर रखते हैं, तो यह संदर्भ उनके लिए उपयोगी हो सकता है।

होर्मुज में हर जहाज से टोल, भारत को भी नहीं छूट कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए एक नई 'संप्रभु शासन प्रणाली' लागू कर दी है, जिसके तहत हर जहाज को पारगमन अनुमति के लिए ईमेल करना होगा। यह जलमार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल के परिवहन के लिए उपयोग किया जाता है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली के तहत जहाजों को निर्दिष्ट मार्गों पर चलना होगा और टोल भी देना होगा, चाहे वे किसी मित्र देश के हों।
तेहरान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सैयद मोहम्मद मरांडी ने स्पष्ट किया कि भारत को तो ईरान मित्र मानता है, लेकिन होर्मुज से गुजरने पर हर जहाज से टोल वसूला जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन देशों ने ईरान के खिलाफ युद्ध में भाग लिया है—जैसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और कुवैत—उनके जहाजों पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद भारतीय जहाजों को अनुमति दी गई है, लेकिन टोल से छूट नहीं।
ईरान की संसद एक कानून पर विचार कर रही है जो इजरायल और अमेरिका से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध को औपचारिक रूप देगा और अन्य जहाजों के लिए टोल प्रणाली शुरू करेगा। ईरान के संयुक्त सैन्य कमान ने चेतावनी दी है कि कोई भी विदेशी सशस्त्र बल, खासकर अमेरिकी सेना, अगर होर्मुज में प्रवेश करने की कोशिश करेगा, तो उस पर हमला किया जाएगा।
तथ्य
- ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों से टोल वसूलने की घोषणा की है, जिसमें भारतीय जहाज भी शामिल हैं।
- जहाजों को अब 'फारसी खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण' (PGSA) से पारगमन अनुमति लेनी होगी और ईमेल के जरिए निर्देश मानने होंगे।
- ईरानी प्रोफेसर सैयद मोहम्मद मरांडी ने कहा कि भारत ईरान का मित्र है, लेकिन टोल सभी पर लागू होगा।
- ईरान की संसद एक कानून पर विचार कर रही है जो इजरायल और अमेरिका से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध को औपचारिक रूप देगा।
- ईरान के संयुक्त सैन्य कमान ने चेतावनी दी है कि कोई भी विदेशी सशस्त्र बल होर्मुज में प्रवेश करने की कोशिश करेगा, तो उस पर हमला किया जाएगा।
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