
झारखंड में विज्ञान और नवाचार के लिए नई पहल आगे के विकास के लिए मजबूत आधार बना रही है। अगर आपके दोस्त या सहकर्मी शिक्षा, तकनीक या कृषि नवाचार में रुचि रखते हैं, तो यह संदर्भ उपयोगी लग सकता है।

झारखंड में विज्ञान और नवाचार को नई दिशा कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
झारखंड सरकार ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक रणनीति तय की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विज्ञान एवं तकनीकी परिषद ने राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों में नवाचार-उन्मुख वातावरण बनाने पर जोर दिया। इसके तहत शोध, स्टार्टअप, तकनीकी शिक्षण और शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने विज्ञान को समाज और शासन की आवश्यकताओं से जोड़ने पर जोर दिया। राज्य के सभी 24 जिलों में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस के संचालन का निर्णय लिया गया ताकि वैज्ञानिक सोच को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। साथ ही, निर्माणाधीन साइंस सेंटर और तारामंडलों को गुणवत्तापूर्ण और जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए गए।
कृषि क्षेत्र में यांत्रिक नवाचार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया ताकि किसानों के काम को आधुनिक और उत्पादक बनाया जा सके। सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए देश भर के साइंस सिटी और तारामंडलों के शैक्षणिक भ्रमण की विशेष पहल का भी ऐलान किया गया। इससे बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार के प्रति रुचि बढ़ेगी।
तथ्य
- 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रालय में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार परिषद की बैठक हुई।
- मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस को राज्य के सभी 24 जिलों में संचालित करने का निर्देश दिया गया।
- सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश भर के साइंस सिटी और तारामंडलों के शैक्षणिक भ्रमण कराने की विशेष पहल का निर्णय लिया गया।
- कृषि क्षेत्र में यांत्रिक नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया ताकि किसानों को सीधा लाभ मिले।
- निर्माणाधीन साइंस सेंटर और तारामंडलों को गुणवत्तापूर्ण, आकर्षक और जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए गए।
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