एक बच्चा 3-डी चश्मा पहने विज्ञान केंद्र में एक इंटरएक्टिव प्रदर्शन देख रहा है, पृष्ठभूमि में तारामंडल और विज्ञान प्रयोग के मॉडल दिख रहे हैं
एक बच्चा 3-डी चश्मा पहने विज्ञान केंद्र में एक इंटरएक्टिव प्रदर्शन देख रहा है, पृष्ठभूमि में तारामंडल और विज्ञान प्रयोग के मॉडल दिख रहे हैं

विज्ञान को रोचक बनाने वाले इस तरह के केंद्र नए विचारों को बढ़ावा देते हैं। अगर आपके आसपास कोई छात्र या शिक्षक विज्ञान में रुचि रखता है, तो यह संदर्भ उसके लिए उपयोगी हो सकता है।

हर साल 2 लाख लोग विज्ञान के इस केंद्र में क्यों आते हैं? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

पटना के श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र ने बच्चों और युवाओं के बीच विज्ञान को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है। यहां हर साल दो लाख से अधिक लोग विज्ञान आधारित शैक्षणिक और मनोरंजक शो देखने पहुंचते हैं। केंद्र में तारामंडल, गोले पर विज्ञान, साइंस मैजिक और 3-डी शो जैसे चार प्रमुख कार्यक्रम प्रतिदिन चलते हैं, जिनमें 3-डी शो बच्चों की पहली पसंद बना हुआ है।

मई और जून में आगंतुकों की संख्या सबसे अधिक होती है, जब लगभग 60,000 लोग केंद्र आते हैं। नवंबर से मार्च के बीच स्कूली छात्रों की भागीदारी सबसे ज्यादा रहती है, जो समूह में आकर विज्ञान के प्रयोगों और प्रदर्शनों के जरिए विषय को करीब से समझते हैं।

हाल ही में शुरू हुआ 'टर्टल विजन टू' शो समुद्री प्रदूषण और उसके प्रभावों पर केंद्रित है। पिछले 15 दिनों में इस शो को 1,800 से अधिक दर्शकों ने देखा है, जिससे पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। केंद्र के शिक्षा पदाधिकारी विश्वनाथ गुप्ता के अनुसार, इंटरएक्टिव अनुभव विज्ञान को आकर्षक बनाते हैं और छात्रों में लंबे समय तक रुचि बनाए रखने में मदद करते हैं।

तथ्य

  • श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र, पटना में हर साल दो लाख से अधिक आगंतुक आते हैं।
  • मई और जून में सबसे अधिक भीड़ होती है, जब लगभग 60,000 लोग केंद्र आते हैं।
  • प्रतिदिन चार शो — तारामंडल, गोले पर विज्ञान, साइंस मैजिक और 3-डी शो — चलाए जाते हैं।
  • नया 'टर्टल विजन टू' शो समुद्री प्रदूषण पर केंद्रित है और पिछले 15 दिनों में 1,800 से अधिक दर्शकों ने इसे देखा है।
  • नवंबर से मार्च के बीच स्कूली छात्रों की सबसे अधिक भागीदारी होती है।

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