
मंगल पर चट्टान से जूझना आगे भी ध्यान खींच सकता है, खासकर उस दोस्त के लिए जो अंतरिक्ष मिशन के असली चुनौतियों को देखना चाहता है।

मंगल पर फंसा था नासा का रोवर कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने 25 अप्रैल 2026 को मंगल ग्रह पर 'अताकामा' नामक एक चट्टान में ड्रिलिंग शुरू की, लेकिन ऑपरेशन के बाद ड्रिल से पूरी चट्टान चिपककर बाहर आ गई। लगभग 13 किलो वजनी और 1.5 फीट चौड़ी यह चट्टान रोवर के उपकरण में फंस गई, जिससे रोवर के आगे बढ़ने और अन्य वैज्ञानिक कार्यों में बाधा आई। नासा के इंजीनियरों ने जमीन पर सिम्युलेशन चलाकर कई तरीके आजमाए, लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली। अंततः 1 मई 2026 को, ड्रिल को घुमाकर और अधिक झुकाकर ऑपरेशन चलाया गया, जिससे चट्टान ड्रिल से अलग हो गई। चट्टान के गिरने के बाद वह मंगल की सतह पर टूट गई। यह घटना अनोखी थी क्योंकि पहले कभी पूरी चट्टान ड्रिल से नहीं निकली थी। क्यूरियोसिटी रोवर अब भी सक्रिय है और मंगल पर जीवन के संकेतों की खोज जारी रखे हुए है।
तथ्य
- 25 अप्रैल 2026 को नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल पर 'अताकामा' नामक चट्टान में ड्रिलिंग शुरू की।
- ड्रिलिंग के बाद पूरी 13 किलो वाली चट्टान ड्रिल में चिपक गई और रोवर से अलग नहीं हुई।
- 6 दिन बाद, 1 मई 2026 को, नासा इंजीनियरों ने ड्रिल को घुमाकर और झुकाकर चट्टान को मुक्त कराया।
- चट्टान ड्रिल से अलग होने के बाद मंगल की सतह पर गिरकर टूट गई।
- क्यूरियोसिटी रोवर 2012 से मंगल पर सक्रिय है और ऑर्गेनिक अणुओं सहित कई खोजें कर चुका है।
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