
मंगल पर एक छोटी चट्टान ने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, इस विज्ञान प्रेमी दोस्त के साथ समझने लायक संदर्भ देता है।

मंगल पर रोवर की बांह फंसी, 13 किलो की चट्टान ने लगाया चक्कर कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल ग्रह के गेल क्रेटर में स्थित माउंट शार्प की ढलान पर 25 अप्रैल 2026 को एक चट्टान में ड्रिलिंग शुरू की, लेकिन प्रक्रिया के दौरान लगभग 13 किलोग्राम वजनी चट्टान पूरी तरह जमीन से उखड़ गई और रोवर की रोबोटिक बांह में फंस गई। इस घटना ने मिशन के लिए एक गंभीर तकनीकी चुनौती पैदा कर दी। रोबोटिक बांह रोवर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है, और इसके जाम होने की स्थिति में पूरे मिशन को खतरा था।
वैज्ञानिकों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई तकनीकी उपाय आजमाए। 29 अप्रैल को ड्रिल में कंपन पैदा किया गया, लेकिन चट्टान नहीं हिली। बांह की स्थिति बदलकर दोबारा वाइब्रेशन देने की कोशिश की गई, जिससे केवल छोटे टुकड़े गिरे। अंततः 1 मई को, वैज्ञानिकों ने ड्रिल बिट को तेजी से घुमाकर और तीव्र वाइब्रेशन देकर चट्टान को बांह से अलग कर दिया। चट्टान जमीन पर गिरकर दो टुकड़ों में टूट गई।
हालांकि रोवर की बांह सुरक्षित हो गई, लेकिन इस घटना में ड्रिलिंग के दौरान एकत्र किए गए नमूने नष्ट हो गए। यह नुकसान मिशन के लिए एक निराशाजनक पल था, क्योंकि यही नमूने मंगल के भूवैज्ञानिक इतिहास को समझने के लिए जरूरी थे। अब टीम ऐसी चट्टानों की तलाश कर रही है जो जमीन में मजबूती से जुड़ी हों ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न दोहराए।
तथ्य
- 25 अप्रैल 2026 को क्यूरियोसिटी रोवर ने माउंट शार्प की ढलान पर अटाकामा नामक चट्टान में ड्रिलिंग शुरू की।
- लगभग 13 किलोग्राम वजनी चट्टान ड्रिलिंग के दौरान जमीन से उखड़कर रोवर की रोबोटिक बांह में फंस गई।
- चट्टान को छुड़ाने के लिए वैज्ञानिकों को लगभग एक सप्ताह का समय लगा।
- 1 मई 2026 को तेज वाइब्रेशन और ड्रिल घुमाने के बाद चट्टान बांह से अलग हुई और जमीन पर गिरकर टूट गई।
- ड्रिलिंग के दौरान एकत्र किए गए नमूने चट्टान हटाने की प्रक्रिया में नष्ट हो गए।
- अटाकामा चट्टान लगभग 1.5 फीट चौड़ी और 6 इंच मोटी थी।
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