
अगर यह सौदा सच में होता है, तो यह दक्षिण एशिया की रणनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है, खासकर उस दोस्त के लिए जो भारत की सुरक्षा चिंताओं को समझना चाहता है।

तुर्की-पाकिस्तान के बीच ₹1.4 लाख करोड़ की फाइटर जेट डील? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
तुर्की और पाकिस्तान के बीच 15 अरब डॉलर (लगभग ₹1.4 लाख करोड़) की बड़ी रक्षा डील की चर्चा है, जिसके तहत पाकिस्तान को तुर्की के स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट KAAN के 65 विमान मिल सकते हैं। यह सौदा अभी तक आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुआ है, लेकिन अगर सच में पूरा होता है, तो यह पाकिस्तान के इतिहास की सबसे बड़ी रक्षा खरीद में शामिल हो सकता है। KAAN जेट को Turkish Aerospace Industries (TAI) द्वारा विकसित किया गया है और इसकी पहली सफल उड़ान फरवरी 2024 में हुई थी। इसके ऑपरेशनल होने की उम्मीद 2030 के आसपास है।
तुर्की ने KAAN को अपने घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूत करने के लिए विकसित किया है। इंडोनेशिया और अजरबैजान सहित कई देशों ने इसमें रुचि दिखाई है। पाकिस्तान के साथ यह सौदा न केवल विमान खरीद हो सकती है, बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और संयुक्त उत्पादन की संभावना भी खोल सकती है। पाकिस्तानी इंजीनियर पहले से ही KAAN प्रोजेक्ट में शामिल रहे हैं।
इस डील के दक्षिण एशिया में रणनीतिक प्रभाव हो सकते हैं। भारत फ्रांस से 114 राफेल F4 जेट खरीद रहा है, जो 4.5 पीढ़ी का विमान है। अगर पाकिस्तान को पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ जेट मिलते हैं, तो वायु शक्ति के मामले में क्षेत्रीय संतुलन प्रभावित हो सकता है। भारत अपने स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, लेकिन उसके ऑपरेशनल होने में अभी दशक भर का समय लग सकता है।
तथ्य
- तुर्की और पाकिस्तान के बीच 15 अरब डॉलर (₹1.4 लाख करोड़) की रक्षा डील की चर्चा है।
- इस डील के तहत पाकिस्तान को तुर्की के स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ जेट KAAN के 65 विमान मिल सकते हैं।
- अभी तक पाकिस्तान या तुर्की की सरकार या TAI ने इस डील की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
- KAAN जेट की पहली सफल उड़ान फरवरी 2024 में हुई थी।
- भारत फ्रांस से 114 राफेल F4 जेट खरीद रहा है, जो 4.5 पीढ़ी का विमान है।
- भारत अपने स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, लेकिन यह 2030 के दशक तक ऑपरेशनल नहीं हो सकता।
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