
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश, इस विषय पर नजर रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए उपयोगी संदर्भ देती है।

पाकिस्तान की तेहरान यात्रा: ईरान-अमेरिका के बीच टूटी बातचीत फिर जुड़ेगी? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच शटल डिप्लोमेसी तेज कर दी है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने 17 मई 2026 को तेहरान की अचानक यात्रा की और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियान सहित शीर्ष नेतृत्व से बातचीत की। आधिकारिक तौर पर यात्रा सुरक्षा सहयोग और सीमा प्रबंधन पर केंद्रित थी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इसका उद्देश्य रुकी हुई बातचीत को फिर शुरू कराना था।
donald ट्रंप के प्रशासन ने हाल ही में ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था और ईरान को समय खत्म होने की चेतावनी दी थी, जिससे तनाव बढ़ गया। इस बीच पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर सहित शीर्ष अधिकारी अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के IRGC नेतृत्व के साथ संपर्क में हैं।
पाकिस्तान न केवल संदेशवाहक बनने की कोशिश कर रहा है, बल्कि चीन और खाड़ी देशों से गारंटी लेकर एक डिप्लोमैटिक पुल बनने की भूमिका निभा रहा है। ईरान ने पाकिस्तान की कोशिशों की सराहना की है, क्योंकि दोनों देशों के क्षेत्रीय सुरक्षा में समान हित हैं। अभी यह साफ नहीं है कि यह पहल बातचीत को वापस ला पाएगी या नहीं।
तथ्य
- 17 मई 2026 को पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान की अचानक यात्रा की।
- नकवी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियान और गृह मंत्री से बातचीत की।
- अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।
- पाकिस्तान ईरान-अमेरिका के बीच शटल डिप्लोमेसी कर रहा है।
- पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों से संपर्क में हैं।
- ईरान ने पाकिस्तान की शांति कोशिशों की सराहना की है।
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