तेहरान स्टॉक एक्सचेंज के लोगो के सामने एक डैशबोर्ड जिसमें TEDPIX सूचकांक में तेज उतार-चढ़ाव दिख रहा है, पृष्ठभूमि में ईरान के झंडे और तेल टैंकर के सिल्हूट के साथ
तेहरान स्टॉक एक्सचेंज के लोगो के सामने एक डैशबोर्ड जिसमें TEDPIX सूचकांक में तेज उतार-चढ़ाव दिख रहा है, पृष्ठभूमि में ईरान के झंडे और तेल टैंकर के सिल्हूट के साथ

तेहरान शेयर बाजार का फिर से खुलना एक ठोस कदम है, लेकिन आगे की राह अभी अनिश्चित है, इस विषय में रुचि रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए यह संदर्भ उपयोगी हो सकता है।

80 दिन बाद खुला तेहरान शेयर बाजार कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

ईरान का तेहरान स्टॉक एक्सचेंज (TSE) 19 मई, 2026 को 80 दिन के निलंबन के बाद फिर से खुला, जो अमेरिका-इजराइल संघर्ष के चलते बंद हुआ था। चार घंटे के सीमित ट्रेडिंग सत्र का उद्देश्य निवेशकों को उचित मूल्य खोजने का अवसर देना और बाजार को धीरे-धीरे सामान्य करना है। लेकिन विश्लेषक उच्च अस्थिरता की आशंका जता रहे हैं, क्योंकि निवेशकों की दबी मांग गहरी आर्थिक समस्याओं और भू-राजनीतिक अनिश्चितता से टकराएगी।

निलंबन से पहले, मुख्य सूचकांक TEDPIX 24 फरवरी, 2026 को 37 लाख अंकों पर था, जो जनवरी के रिकॉर्ड 45 लाख अंकों से काफी नीचे था। जनवरी में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों और इंटरनेट ब्लैकआउट के बाद बाजार में भारी गिरावट आई थी। TEDPIX ऐतिहासिक रूप से ईरानी रियाल के मूल्य और मुद्रास्फीति को दर्शाता रहा है, लेकिन भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण इसमें उतार-चढ़ाव आता रहता है।

ईरान की अर्थव्यवस्था तेल निर्यात पर अत्यधिक निर्भर है और 2025 में 40% से अधिक की महंगाई तथा गिरते रियाल से जूझ रही है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, जमे हुए विदेशी संपत्ति और कमजोर बैंकिंग प्रणाली इसकी कमजोरी को बढ़ाते हैं। वैश्विक स्तर पर, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित व्यवधान के कारण ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल से ऊपर चली गई हैं, जो वैश्विक मुद्रास्फीति को बढ़ाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार का स्थायी प्रदर्शन क्षेत्रीय तनावों में कमी और आर्थिक सुधार पर निर्भर करेगा, जो अभी अत्यधिक अनिश्चित है।

तथ्य

  • तेहरान स्टॉक एक्सचेंज 19 मई, 2026 को 80 दिन के निलंबन के बाद फिर से खुला।
  • निलंबन अमेरिका-इजराइल संघर्ष के चलते लगाया गया था।
  • निलंबन से पहले TEDPIX सूचकांक 37 लाख अंकों पर था, जो जनवरी के 45 लाख अंकों के शिखर से नीचे था।
  • ईरान की महंगाई दर 2025 में 40% से अधिक थी और रियाल गिरता रहा।
  • ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल से ऊपर चली गई हैं।
  • विश्लेषकों को निकट भविष्य में उच्च अस्थिरता की आशंका है।

Canto का विज़ुअल न्यूज़ एक्सप्लेनर। उत्पादन में AI टूल सहायता कर सकते हैं। संपादकीय नीति