एक विभाजित नक्शा जो ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को दर्शाता है, जिसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य, परमाणु सुविधाएं और सैन्य ठिकाने चिह्नित हैं।
एक विभाजित नक्शा जो ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को दर्शाता है, जिसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य, परमाणु सुविधाएं और सैन्य ठिकाने चिह्नित हैं।

परमाणु भंडार और होर्मुज़ जैसे मुद्दे अभी भी अटके हैं, इस विषय को देख रहे किसी दोस्त के साथ समझने लायक संदर्भ देती है।

ईरान-अमेरिका वार्ता में अटके 5 मुद्दे कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव ने नई ऊंचाई पर पहुंचकर वार्ता को गहरे गतिरोध में धकेल दिया है। पिछले कुछ महीनों में इसराइल और अमेरिका के ईरान पर हमलों और उसके जवाबी कार्रवाई के बाद भी कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है। अमेरिका की ओर से 14-बिंदु वाला प्रस्ताव रखे जाने के बाद भी बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई है। अमेरिका ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने, 60 फीसदी संवर्धित यूरेनियम के भंडार को नष्ट करने और होर्मुज़ स्ट्रेट को बिना शर्त खोलने की मांग कर रहा है। वहीं, ईरान इन शर्तों को आत्मसमर्पण के बराबर मानता है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए खड़ा है।

परमाणु कार्यक्रम के अलावा, ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्र में इसके समर्थित समूहों की गतिविधियां भी बड़े मुद्दे बने हुए हैं। अमेरिका इन समूहों को 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' मानता है और उनकी गतिविधियों पर अंकुश की मांग कर रहा है। ईरान इन्हें स्वतंत्र संगठन मानता है जो इसराइल और अमेरिकी उपस्थिति के खिलाफ लड़ते हैं। हालांकि, युद्धविराम के बावजूद लेबनान में हिजबुल्लाह और इसराइल के बीच झड़पें जारी हैं।

होर्मुज़ स्ट्रेट पर नियंत्रण भी एक रणनीतिक मुद्दा बना हुआ है। दुनिया के 20 फीसदी से अधिक तेल की आपूर्ति इसी जलडमरूमध्य से गुजरती है। अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की आजादी मानता है, जबकि ईरान इस पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है। ईरान ने कई बार चेतावनी दी है कि गंभीर खतरे में वह इसे बंद कर सकता है। इस गतिरोध का असर सिर्फ दोनों देशों तक ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और तेल की कीमतों पर भी पड़ रहा है।

तथ्य

  • अमेरिका ने ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने और 60 फीसदी संवर्धित यूरेनियम के भंडार को नष्ट करने की मांग की है।
  • ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट पर नियंत्रण को अपनी रेड लाइन बताया है और इसे आखिरी दबाव वाले हथियार के रूप में देखता है।
  • 12 दिन की जंग से पहले ईरान के पास लगभग 440 किलोग्राम 60 फीसदी संवर्धित यूरेनियम था, जो हथियार स्तर के करीब माना जाता है।
  • अमेरिका ईरान समर्थित समूहों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने और उन्हें मिलने वाली सैन्य सहायता कम करने की मांग कर रहा है।
  • ईरान का मिसाइल कार्यक्रम उसकी रक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है और वह इस पर बातचीत करने से इनकार कर रहा है।

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