
अब ग्रामीण स्कूलों में भी बच्चे रोबोटिक्स और खगोल विज्ञान में हाथ आजमा सकेंगे, इस बदलाव को देखने वाले किसी शिक्षक या अभिभावक के लिए यह संदर्भ उपयोगी है।

सोनीपत के स्कूलों में अब रोबोटिक्स से पढ़ाई कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
हरियाणा के सोनीपत जिले में सरकारी स्कूलों में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। जिला स्तर पर चल रहे विशेष प्रशिक्षण शिविरों के जरिए शिक्षकों को अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल), रोबोटिक्स लैब और खगोल विज्ञान प्रयोगशालाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य लैबों को केवल नाममात्र के लिए नहीं बनाया जाए, बल्कि उनका रचनात्मक उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
प्रशिक्षण मई और जून के अवकाश के दौरान आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 391 सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य, विज्ञान और कंप्यूटर शिक्षक शामिल हैं। जिला शिक्षा अधिकारी और विज्ञान विशेषज्ञ सीधे निगरानी कर रहे हैं। इस पहल के जरिए ग्रामीण छात्रों को कोडिंग, रोबोटिक्स और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे विषयों में व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
इस पहल का लक्ष्य निजी स्कूलों के साथ तकनीकी अंतर को कम करना है। अधिकारियों का मानना है कि जब शिक्षक खुद इन तकनीकों में निपुण होंगे, तभी वे छात्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा दे पाएंगे। पीएम-श्री विद्यालयों के बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
तथ्य
- सोनीपत में मई-जून के अवकाश के दौरान शिक्षकों के लिए एटीएल, रोबोटिक्स और खगोल विज्ञान लैब का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।
- इस प्रशिक्षण में 391 सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य, विज्ञान और कंप्यूटर शिक्षक शामिल हैं।
- प्रशिक्षण का उद्देश्य लैब उपकरणों का रचनात्मक उपयोग सुनिश्चित करना और ग्रामीण छात्रों को तकनीकी शिक्षा तक पहुंच दिलाना है।
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