एक व्यक्ति लंबी अवधि के निवेश के फलस्वरूप बढ़ते रुपये को देख रहा है, पृष्ठभूमि में सेंसेक्स ग्राफ दिखाई दे रहा है।
एक व्यक्ति लंबी अवधि के निवेश के फलस्वरूप बढ़ते रुपये को देख रहा है, पृष्ठभूमि में सेंसेक्स ग्राफ दिखाई दे रहा है।

लंबी अवधि में शेयर बाजार से मिले ठोस रिटर्न की बात, इसे देख रहे किसी निवेशक दोस्त के साथ समझने लायक संदर्भ देती है।

100 रुपये का निवेश 1.2 लाख तक पहुंचा कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

भारतीय शेयर बाजार में लंबी अवधि के निवेश के फायदे को लेकर प्रशांत जैन ने एक महत्वपूर्ण बात दोहराई है। उनके अनुसार, सेंसेक्स में अगर कोई 100 रुपये का निवेश पिछले 45 साल पहले करता, तो वह आज 75,000 रुपये हो जाता। अगर डिविडेंड को भी जोड़ा जाए, तो यह राशि 1.2 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।

जैन ने यह बात उन निवेशकों के लिए कही, जो हाल के समय में बाजार की कमजोरी से चिंतित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही कुछ समय के लिए रिटर्न रुक जाए, लेकिन लंबी अवधि में यह खत्म नहीं होता। उन्होंने उदाहरण दिया कि सेंसेक्स के 47 साल के इतिहास में 14 साल ऐसे रहे जब बाजार ने नकारात्मक रिटर्न दिया।

इसके बावजूद, आर्थिक विकास और कंपनियों के बढ़ते लाभ के कारण बाजार ने रिकवरी की। जैन के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता, तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी फंडों की बिकवाली जैसी चुनौतियां अल्पकालिक हैं। भारत की संरचनात्मक विकास कहानी अभी भी मजबूत है।

तथ्य

  • प्रशांत जैन के अनुसार, सेंसेक्स में 100 रुपये का निवेश 45 साल में 75,000 रुपये हो गया।
  • डिविडेंड जोड़ने पर यह राशि 1.2 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
  • सेंसेक्स के 47 साल के इतिहास में 14 साल ऐसे रहे जब बाजार ने नकारात्मक रिटर्न दिया।
  • प्रशांत जैन के अनुसार, भारत में एआई से जुड़ी कंपनियां न होने के कारण विदेशी फंड अन्य बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं।
  • जैन ने कहा कि लंबी अवधि के निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से हैरान नहीं होना चाहिए।

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