एक छोटा लकड़ी का सैटेलाइट अंतरिक्ष में पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए, नीचे नीले ग्रह के साथ।
एक छोटा लकड़ी का सैटेलाइट अंतरिक्ष में पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए, नीचे नीले ग्रह के साथ।

लकड़ी के सैटेलाइट का सफल प्रयोग, इस तकनीकी बदलाव को देख रहे किसी दोस्त के साथ समझने लायक संदर्भ देता है।

लकड़ी से बना पहला सैटेलाइट लॉन्च कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

जापान ने दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट 'LignoSat' लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य बढ़ते अंतरिक्ष कचरे की समस्या को कम करना है। यह सैटेलाइट अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से दिसंबर 2024 में छोड़ा गया था और चार महीने तक सफलतापूर्वक काम करता रहा। इसके निर्माण में जापानी मैगनोलिया लकड़ी का उपयोग किया गया है, जो हल्की, मजबूत और टिकाऊ मानी जाती है। पारंपरिक धातु सैटेलाइट वातावरण में जलने के बाद धातु के कण छोड़ देते हैं, जो वर्षों तक रह सकते हैं, जबकि लकड़ी पूरी तरह जलकर नष्ट हो जाती है।

LignoSat का डिज़ाइन क्योटो यूनिवर्सिटी और जापानी अंतरिक्ष एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया। इस छोटे क्यूब सैटेलाइट का आकार सिर्फ 10 सेमी है, लेकिन इसके माध्यम से वैज्ञानिक यह जांचना चाहते थे कि अंतरिक्ष की कठिन परिस्थितियों में लकड़ी कैसे व्यवहार करती है। पिछले परीक्षणों में लकड़ी के नमूने 240 दिनों तक अंतरिक्ष में रहे और उनमें कोई दरार या आकार परिवर्तन नहीं आया।

वैज्ञानिक ताकाओ दोई के अनुसार, जापान के सैकड़ों साल पुराने लकड़ी के मंदिरों से प्रेरणा लेकर इस प्रयोग की शुरुआत की गई। भविष्य में, लकड़ी से बने सैटेलाइट न केवल अंतरिक्ष कचरा कम कर सकते हैं, बल्कि रेडिएशन से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा में भी मददगार हो सकते हैं। जापान 2027 में इसका अगला, बेहतर संस्करण लॉन्च करने की योजना बना रहा है।

तथ्य

  • जापान ने दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट LignoSat लॉन्च किया।
  • LignoSat को दिसंबर 2024 में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से छोड़ा गया था और यह चार महीने तक सफल रहा।
  • इसके निर्माण में जापानी मैगनोलिया लकड़ी का उपयोग किया गया है।
  • सैटेलाइट का उद्देश्य अंतरिक्ष में बढ़ते कचरे की समस्या को कम करना है।
  • जापान 2027 में लकड़ी के सैटेलाइट का नया संस्करण लॉन्च करने की योजना बना रहा है।

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