
गाजा काफिले में गिरफ्तार 9 भारतीयों की वापसी की खबर, इस विषय में रुचि रखने वाले किसी दोस्त के साथ समझने लायक संदर्भ देती है।

गाजा काफिले में शामिल 9 भारतीय नागरिक वापस कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
इजरायल नौसेना ने गाजा पट्टी के लिए रवाना हुए मानवीय सहायता काफिले 'ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला' को साइप्रस के जल में रोक दिया, जिसमें शामिल 9 इंडोनेशियाई नागरिक भी गिरफ्तार हो गए। इन नागरिकों को बाद में रिहा कर दिया गया और वे तुर्की के इस्तांबुल पहुंच गए। वहां उन्हें वीजा और स्वास्थ्य जांच से गुजरना होगा, फिर देश वापस भेजे जाएंगे। इंडोनेशियाई सरकार ने इनके साथ हुए अमानवीय व्यवहार की निंदा की है।
काफिले में कुल 430 मानवीय कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्हें इजरायल ने हिरासत में ले लिया। इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगीनो ने नागरिकों के स्वस्थ होने की पुष्टि की, हालांकि उन्हें धक्का दिया गया और बिजली का इस्तेमाल किया गया। सरकार ने उनकी सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
इस काफिले के पीछे ग्लोबल शांति कन्वॉय इंडोनेशिया (GPCI) का समर्थन था। इजरायल ने पिछले कई महीनों में इस तरह के कई काफिलों को रोका है, जिनमें प्रसिद्ध व्यक्ति भी शामिल रहे। इंडोनेशियाई अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन की बात कही है।
तथ्य
- 22 मई 2026 को इंडोनेशियाई विदेश मंत्री सुगीनो ने 9 भारतीय नागरिकों की रिहाई की घोषणा की।
- ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला का जहाज साइप्रस के जल में इजरायल नौसेना द्वारा रोका गया था।
- गिरफ्तार भारतीय नागरिक अब इस्तांबुल, तुर्की में हैं और वीजा व स्वास्थ्य जांच के बाद देश वापस आएंगे।
- इंडोनेशिया ने इजरायल द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार की निंदा की।
- काफिले में कुल 430 मानवीय कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्हें इजरायल ने हिरासत में ले लिया।
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