एक ग्लोबुलर क्लस्टर में दो छोटे ब्लैकहोल एक-दूसरे की ओर घूमते हुए विलय करते हुए, गुरुत्वाकर्षण तरंगें उत्सर्जित करते हुए।
एक ग्लोबुलर क्लस्टर में दो छोटे ब्लैकहोल एक-दूसरे की ओर घूमते हुए विलय करते हुए, गुरुत्वाकर्षण तरंगें उत्सर्जित करते हुए।

ब्रह्मांड के इस रहस्यमयी 'रिसाइकिलिंग' के बारे में जानकर खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले किसी सहकर्मी के साथ समझने लायक संदर्भ देती है।

ब्लैकहोल एक-दूसरे को खा रहे हैं कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

ब्रह्मांड में विशालकाय ब्लैकहोल के गठन को लेकर एक नई अध्ययन ने पुरानी वैज्ञानिक मान्यताओं को चुनौती दी है। कार्डिफ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार, ये ब्लैकहोल केवल मरते तारों से नहीं बनते, बल्कि घने तारा समूहों में छोटे-छोटे ब्लैकहोल के आपस में टकराकर विलय होने से बनते हैं। LIGO-Virgo-KAGRA डेटा ने इस प्रक्रिया के सबूत दिए हैं, जहां 153 ब्लैकहोल विलय के विश्लेषण से दो प्रकार के ब्लैकहोल पहचाने गए।

इनमें से एक प्रकार के ब्लैकहोल कम द्रव्यमान वाले हैं और एक ही दिशा में घूमते हैं, जो मरते तारों से बनते हैं। दूसरे प्रकार के ब्लैकहोल भारी होते हैं, तेजी से अनियमित दिशा में घूमते हैं और यह विलय प्रक्रिया के बाद बनते हैं। यह विशेषता उनके 'सीरियल मर्जर' इतिहास को दर्शाती है।

वैज्ञानिकों ने 'मास गैप' के भीतर भी भारी ब्लैकहोल पाए हैं, जो सूरज से 45 गुना भारी तारों के फटने पर बनने वाले ब्लैकहोल के अभाव को दर्शाता है। यहां मिले ब्लैकहोल इस गैप के भीतर नहीं बन सकते थे, इसलिए यह स्पष्ट है कि वे छोटे ब्लैकहोल के बार-बार विलय से बने। M80 जैसे ग्लोबुलर क्लस्टर, जो धरती से 28,000 प्रकाश वर्ष दूर है, इस प्रक्रिया के लिए आदर्श स्थान हैं, जहां गुरुत्वाकर्षण इतना तीव्र है कि ब्लैकहोल एक-दूसरे के करीब खिंचते हैं।

इस अध्ययन से पता चलता है कि ब्रह्मांड ब्लैकहोल को न केवल बना रहा है, बल्कि उन्हें 'रिसाइकिल' भी कर रहा है। यह खोज ब्लैकहोल के विकास, गुरुत्वाकर्षण तरंगों और आकाशीय घटनाओं की समझ को गहरा करती है। अभी भी यह जांच जारी है कि इस प्रक्रिया की दर क्या है और यह ब्रह्मांड के विकास में कितना योगदान देती है।

तथ्य

  • कार्डिफ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि विशालकाय ब्लैकहोल मरते तारों से नहीं, बल्कि छोटे ब्लैकहोल के बार-बार विलय से बनते हैं।
  • LIGO-Virgo-KAGRA डेटा में 'मास गैप' के भीतर भारी ब्लैकहोल मिले, जो पुराने सिद्धांत के अनुसार बन ही नहीं सकते थे।
  • M80 ग्लोबुलर क्लस्टर, जो धरती से 28,000 प्रकाश वर्ष दूर है, ब्लैकहोल विलय के लिए आदर्श स्थान है।
  • विलय के बाद बने ब्लैकहोल अनियमित दिशा में तेजी से घूमते हैं, जो उनके टकराव इतिहास का संकेत है।

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