
अल-अक्सा मस्जिद पर नियंत्रण का संभावित बदलाव धार्मिक और राजनीतिक स्थिरता पर असर डाल सकता है, इस बारे में जानना उस दोस्त के लिए भी मायने रखता है जो खाड़ी की राजनीति देख रहा है।

अल-अक्सा पर नया विवाद, जॉर्डन की भूमिका खतरे में? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
अल-अक्सा मस्जिद पर नियंत्रण को लेकर एक नया विवाद उभरा है, जिसमें अमेरिका और इजरायल मिलकर जॉर्डन की दशकों पुरानी संरक्षक भूमिका को समाप्त करने की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर और अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी इस प्रस्ताव के पीछे सक्रिय हैं, हालांकि कुशनर फिलहाल आधिकारिक पद पर नहीं हैं।
इस योजना के तहत जॉर्डन समर्थित इस्लामिक वक्फ की शक्तियां समाप्त कर इजरायल की निगरानी में एक नया निकाय बनाया जा सकता है, जो अल-अक्सा मस्जिद को 'बहुधार्मिक केंद्र' घोषित कर सकता है। इसके तहत यहूदियों को मस्जिद परिसर में प्रार्थना की अनुमति मिल सकती है और इजरायल को इमामों और धार्मिक अधिकारियों की नियुक्ति में भी हाथ बंटाने का अधिकार मिल सकता है।
जॉर्डन का हाशमाइट शाही परिवार 1924 से यरुशलम के धार्मिक स्थलों का संरक्षक माना जाता है, और 1994 की जॉर्डन-इजरायल शांति संधि में इस भूमिका को मान्यता दी गई थी। फिलहाल मस्जिद के आंतरिक प्रबंधन पर वक्फ का नियंत्रण है, जबकि सुरक्षा इजरायल के हाथ में है।
इस योजना के खिलाफ जॉर्डन और फिलिस्तीनी अधिकारियों ने सख्त विरोध जताया है। सऊदी अरब सहित कुछ खाड़ी देशों ने भी आपत्ति जताई है, जिनका मानना है कि ऐसा कदम पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा सकता है। अगर यह योजना आगे बढ़ी, तो यह सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति में भी भूचाल ला सकती है।
तथ्य
- अमेरिका और इजरायल जॉर्डन की अल-अक्सा मस्जिद पर संरक्षक भूमिका समाप्त करने की योजना बना रहे हैं, जो 1924 से चली आ रही है।
- योजना के तहत इस्लामिक वक्फ की शक्तियां समाप्त कर इजरायल की निगरानी में नया निकाय बनाया जाएगा और मस्जिद को 'बहुधार्मिक केंद्र' घोषित किया जा सकता है।
- जॉर्डन, फिलिस्तीन और सऊदी अरब सहित कई मुस्लिम देशों ने इस योजना का विरोध किया है, जिनका मानना है कि यह पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा सकता है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर और अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी इस प्रस्ताव के पीछे सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
- फिलहाल अल-अक्सा मस्जिद के आंतरिक प्रबंधन पर इस्लामिक वक्फ का नियंत्रण है और बाहरी सुरक्षा इजरायल के हाथ में है, जो 1967 के बाद के 'स्टेटस क्वो' समझौते पर आधारित है।
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