
AI के साथ काम करने वाले लोग आगे बढ़ेंगे, यह बदलाव एक सहकर्मी के लिए भी उपयोगी संदर्भ हो सकता है।

AI के बहाने नौकरी कटने का डर? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
पिछले कुछ सालों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उदय के साथ यह डर बढ़ा है कि लाखों नौकरियां खत्म हो सकती हैं। कई कंपनियों ने AI के नाम पर छंटनी की है, जिससे चिंता और बढ़ी है। लेकिन अब OpenAI, Nvidia और Google जैसी कंपनियों के शीर्ष नेता इस डर को लेकर अलग राय दे रहे हैं। OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने स्वीकार किया कि उन्हें लगा था AI सबसे पहले एंट्री-लेवल ऑफिस नौकरियों को खत्म कर देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वह गलत साबित होकर खुश हैं।
Nvidia के सीईओ जेनसन हुआंग का मानना है कि AI नौकरियां नहीं छीन रहा, बल्कि जो लोग इसे अपनाएंगे, वही आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कंपनियों पर सवाल उठाए हैं जो AI को छंटनी का बहाना बना रही हैं, और कहा कि यह तकनीक अभी इतनी पुरानी नहीं है कि अचानक सभी नौकरियां खत्म कर दे। Google के सीईओ सुंदर पिचाई भी कह रहे हैं कि AI को डर की बजाय एक उपकरण के रूप में देखना चाहिए।
हालांकि, यह भी सच है कि कई कंपनियां AI की मदद से कम लोगों में अधिक काम करने की कोशिश कर रही हैं। एंट्री-लेवल और दोहराए जाने वाले कामों में कमी आई है, लेकिन नए काम भी सामने आ रहे हैं, जैसे AI ट्रेनिंग, मॉनिटरिंग और AI-आधारित कंटेंट निर्माण। एक नई रिसर्च बताती है कि AI नौकरियों को सीधे खत्म करने के बजाय काम के तरीके को बदल रहा है। भविष्य उन्हीं के पक्ष में होगा जो नई तकनीक के साथ खुद को अपडेट करेंगे।
तथ्य
- OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि AI ने एंट्री-लेवल ऑफिस नौकरियों को खत्म नहीं किया, जैसा उन्होंने उम्मीद की थी, और वह गलत साबित होकर खुश हैं।
- Nvidia के सीईओ जेनसन हुआंग ने कहा कि कंपनियां AI को छंटनी का आसान बहाना बना रही हैं, जबकि तकनीक अभी इतनी पुरानी नहीं है।
- Google के सीईओ सुंदर पिचाई का मानना है कि AI को एक नए उपकरण के रूप में देखना चाहिए, न कि डर के रूप में।
- AI के कारण एंट्री-लेवल और दोहराए जाने वाले काम कम हुए हैं, लेकिन नए काम जैसे AI ट्रेनिंग और मॉनिटरिंग भी सामने आए हैं।
- एक नई रिसर्च के मुताबिक, AI नौकरियों को सीधे खत्म करने के बजाय काम करने के तरीके को बदल रहा है।
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