
आईटी कंपनियों पर AI के दबाव का असली असर अगले कुछ महीनों में साफ हो सकता है, इस विषय पर नज़र रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए यह संदर्भ उपयोगी हो सकता है।

आईटी शेयरों में लगातार चौथे दिन गिरावट कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
भारतीय आईटी शेयर लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं, जिसमें Nifty IT इंडेक्स में लगभग 3% की गिरावट आई है। इसकी प्रमुख वजह OpenAI की एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी पर बढ़ती धारणा है, जिससे निवेशकों को लगता है कि पारंपरिक आईटी सेवा कंपनियों की भूमिका कम हो सकती है। इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक संकेतों और ग्राहकों के खर्च में सावधानी के कारण भी बाजार के सेंटिमेंट पर असर पड़ा है।
Persistent Systems, HCL Technologies और Tech Mahindra जैसी कंपनियों में 5% तक की गिरावट देखी गई, जबकि Wipro, TCS, Infosys और Coforge में 1-3% की गिरावट आई। Nifty IT इंडेक्स पिछले चार सत्रों में लगभग 8% तक गिर चुका है और मई 2023 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसके पीछे OpenAI की ओर से एक नई कंपनी शुरू करने की घोषणा और उसे 4 अरब डॉलर से अधिक के निवेश की पुष्टि का भी असर है।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि AI भारतीय आईटी कंपनियों को खत्म नहीं करेगा, बल्कि उनके डिलीवरी मॉडल को बदलकर उत्पादकता में सुधार करने में मदद करेगा। प्रशस्त सेठ, प्रूडेंट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के सीईओ के अनुसार, आईटी कंपनियां AI के साथ खुद को ढाल सकती हैं और उच्च मूल्य वाले AI इंटीग्रेशन कार्यों की ओर बढ़ सकती हैं। फिर भी, अगर वैश्विक आर्थिक स्थितियां और कमजोर होती हैं, तो इस क्षेत्र में और गिरावट आ सकती है।
तथ्य
- 2026-05-14 को Nifty IT इंडेक्स में लगभग 3% की गिरावट आई।
- Persistent Systems और HCL Technologies में 5% तक की गिरावट आई।
- OpenAI की एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करने की घोषणा के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ी।
- भारतीय आईटी क्षेत्र की आय का लगभग 57% हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है।
- Nifty IT इंडेक्स पिछले चार सत्रों में लगभग 8% तक गिर चुका है।
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