उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में तपती धूप और पहाड़ों में बादल छाए हुए, एक ही राज्य में दो अलग मौसम के दृश्य
उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में तपती धूप और पहाड़ों में बादल छाए हुए, एक ही राज्य में दो अलग मौसम के दृश्य

पहाड़ों में बारिश के बीच मैदानों में लू का खतरा, यह अंतर उत्तराखंड के यात्री या स्थानीय निवासी के लिए समझने लायक संदर्भ देता है।

उत्तराखंड में दोनों तरफ की चिंता: पहाड़ों में बारिश, मैदानों में लू कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

उत्तराखंड में 24 मई को मौसम ने दो अलग रुख दिखाए: पहाड़ी जिलों जैसे उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। इससे चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने के खतरे को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

वहीं, मैदानी इलाकों में गर्मी तेज हो रही है। रुड़की में तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भी उमस भरी गर्मी जारी है। आईएमडी ने 26 और 27 मई को देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, पौड़ी, नैनीताल और चम्पावत के मैदानी इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। अगले दो दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की आशंका है।

इस बीच, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे पर्यटन स्थलों पर मौसम सुहावना है, लेकिन 26 मई के बाद यहां भी लू का खतरा बढ़ सकता है। मानसून अभी उत्तराखंड तक नहीं पहुंचा है, लेकिन 28 मई के आसपास एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जो मौसम में बदलाव ला सकता है।

तथ्य

  • 24 मई को उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
  • रुड़की में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 40.5°C दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक था।
  • 26 और 27 मई को देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, पौड़ी, नैनीताल और चम्पावत जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।
  • न्यू टिहरी में न्यूनतम तापमान 13.5°C दर्ज किया गया।
  • मानसून 23 मई को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी तक पहुंच चुका है, लेकिन उत्तराखंड में अभी नहीं पहुंचा।
  • 28 मई के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।

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