
अमेरिका के आर्थिक दबाव का यह कदम, इस विषय पर नज़र रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए भी समझने लायक संदर्भ देता है।

अमेरिका ने ईरान के 1 अरब डॉलर जब्त किए कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
अमेरिका ने घोषणा की है कि उसने ईरान की लगभग 1 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर ली है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रीगन नेशनल इकोनॉमिक फोरम में कहा कि अमेरिका ने 'सीधे ईरान के बटुए मार लिए' हैं और ईरान को शायद इसका एहसास भी नहीं होगा। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए 60 दिन के सीजफायर प्रस्ताव पर वार्ता चल रही है।
eरान की ओर से परमाणु स्टॉक पर बातचीत करने से इनकार किया जा रहा है, जबकि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु हथियारों के भंडार सौंपने का दबाव बना रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में व्हाइट हाउस के 'सिचुएशन रूम' में शीर्ष सलाहकारों के साथ बैठक की, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
बेसेंट ने ईरान की आंतरिक स्थिति पर भी टिप्पणी की, जिसमें सैनिकों को वेतन न मिलना, पुलिस स्टेशनों का बंद होना, 200% से अधिक महंगाई और खाद्य वाउचर बांटे जाने की बात शामिल है। इंटरनेट पर भी प्रतिबंध लगाए जाने का जिक्र किया गया। ये दावे अमेरिका के आर्थिक दबाव के प्रभाव को उजागर करते हैं, लेकिन स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि की आवश्यकता है।
तथ्य
- अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने 30 मई 2026 को कहा कि अमेरिका ने ईरान की लगभग 1 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर ली है।
- बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ने 'सीधे उनके बटुए मार लिए' और ईरान को शायद इसका एहसास भी नहीं होगा।
- अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के सीजफायर प्रस्ताव पर मध्यस्थों के जरिए बातचीत चल रही है, लेकिन मतभेदों के कारण अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है।
- अमेरिका ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु स्टॉक सौंपने का दबाव डाल रहा है, जबकि ईरान परमाणु मुद्दे पर बातचीत से इनकार कर रहा है।
- बेसेंट ने दावा किया कि ईरान में 40-50% सैनिकों को वेतन नहीं मिल रहा, महंगाई 200% से अधिक है और खाद्य वाउचर बांटे जा रहे हैं।
- 30 मई 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में शीर्ष सलाहकारों के साथ ईरान मामले पर बैठक की, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
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