एक वेबटून पैनल जिसमें संयुक्त राष्ट्र की इमारत के सामने इजरायल और रूस के सैनिकों के खिलाफ यौन हिंसा के आरोप दिखाए गए हैं, पृष्ठभूमि में गाजा और यूक्रेन के दृश्य हैं
एक वेबटून पैनल जिसमें संयुक्त राष्ट्र की इमारत के सामने इजरायल और रूस के सैनिकों के खिलाफ यौन हिंसा के आरोप दिखाए गए हैं, पृष्ठभूमि में गाजा और यूक्रेन के दृश्य हैं

इजरायल और रूस दोनों के लिए यह बड़ा राजनयिक झटका है, इस विषय पर नजर रख रहे किसी सहकर्मी के साथ समझने लायक संदर्भ देता है।

इजरायल-रूस सेनाओं पर यौन हिंसा का आरोप कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

संयुक्त राष्ट्र ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में 2025 में संघर्ष क्षेत्रों में यौन हिंसा के मामलों को दर्ज किया है, जिसमें पहली बार इजरायली और रूसी सशस्त्र बलों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। रिपोर्ट में फिलिस्तीनी बंदियों के खिलाफ इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा किए गए 31 यौन हिंसा के मामलों की पुष्टि की गई है, जिनमें 13 2025 में हुए। इनमें बलात्कार, सामूहिक बलात्कार और शारीरिक हिंसा जैसे अपराध शामिल हैं।

यूक्रेन में रूसी सैनिकों द्वारा युद्धबंदियों और नागरिकों के खिलाफ यौन हिंसा के मामलों के लिए रूस को भी पहली बार इस सूची में डाला गया है। रिपोर्ट में हमास के आतंकवादियों को भी 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद ब्लैकलिस्ट किया गया है।

इजरायल और रूस दोनों ने आरोपों को खारिज किया है। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने इसे संयुक्त राष्ट्र की 'संस्थागत शत्रुता' बताया, जबकि रूस ने आरोपों को 'निराधार झूठ' कहा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पिछले साल ही दोनों देशों को चेतावनी दी थी।

तथ्य

  • संयुक्त राष्ट्र ने 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में पहली बार इजरायली और रूसी सशस्त्र बलों को यौन हिंसा के आरोप में ब्लैकलिस्ट किया।
  • रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी बंदियों के खिलाफ इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा 31 यौन हिंसा के मामले दर्ज किए गए, जिनमें 13 2025 में हुए।
  • रूसी सैनिकों पर यूक्रेन में युद्धबंदियों के खिलाफ यौन हिंसा के आरोप लगाए गए।
  • हमास को 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद ब्लैकलिस्ट किया गया।
  • इजरायल ने आरोपों को 'संस्थागत शत्रुता' कहा, रूस ने आरोप 'निराधार झूठ' बताए।

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