
अब लोन वसूली के नियम सख्त हो रहे हैं, जो इस बदलाव को लेकर चिंतित हैं, उनके लिए यह संदर्भ उपयोगी हो सकता है।

1 अक्टूबर से लोन वसूली में बड़ा बदलाव कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लोन वसूली के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। इसके तहत अब बैंक केवल उन्हीं एजेंट्स को वसूली का काम दे सकेंगे जिन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (आईआईबीएफ) से प्रशिक्षण प्राप्त किया होगा। यह कदम ग्राहकों के खिलाफ होने वाली बदसलूकी और दबावपूर्ण वसूली प्रथाओं को रोकने के लिए उठाया गया है।
बैंक अब ग्राहकों को वसूली एजेंसी और एजेंट की पूरी जानकारी देंगे। अगर एजेंसी में बदलाव होता है, तो उधारकर्ता को सूचित करना अनिवार्य होगा। वसूली के लिए कॉल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही की जा सकेंगी, जब तक कि ग्राहक ने वैकल्पिक समय का अनुरोध न किया हो।
ग्राहक के घर एजेंट भेजने से पहले कम से कम एक दिन पहले ईमेल या एसएमएस के जरिए सूचना दी जाएगी। अगर संपर्क जानकारी नहीं है, तो तीन दिन पहले नोटिस भेजा जाएगा। शिकायत दर्ज होने तक एजेंट भेजने पर रोक रहेगी। कॉल रिकॉर्डिंग की जानकारी ग्राहक को दी जाएगी और रिकॉर्डिंग छह महीने तक रखी जा सकेगी।
बैंक ग्राहक के मोबाइल या टैबलेट में कोई ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी नहीं लगाएंगे। अगर फोन बैंक से लोन पर नहीं खरीदा गया है, तो उसे जब्त नहीं किया जा सकेगा। ये नियम ग्राहक संरक्षण और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
तथ्य
- आरबीआई ने लोन वसूली नियमों में बदलाव किया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।
- अब केवल आईआईबीएफ से प्रशिक्षित एजेंट ही लोन वसूली कर सकेंगे।
- बैंक ग्राहकों को वसूली एजेंट की पूरी जानकारी पहले से देंगे।
- वसूली के लिए कॉल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही की जा सकेगी।
- शिकायत दर्ज होने तक बैंक एजेंट नहीं भेज सकेगा।
- बैंक ग्राहक के मोबाइल फोन पर ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
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