
तेल की कीमतों में उछाल और होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव, इस विषय पर नजर रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए भी समझने लायक संदर्भ देता है।

ईरान के मिसाइल प्रक्षेपण के बाद तेल की कीमतों में उछाल कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कीमतों में उछाल आया है। ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें अमेरिकी सेना ने असफल बताया। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के क़ेश्म द्वीप पर सैन्य कार्रवाई की। इस घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता को प्रभावित किया है।
बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.09 फीसदी बढ़कर 97.05 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 1.08 फीसदी बढ़कर 94.77 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह तेजी भूगोलिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और तेल आवागमन की अनिश्चितता के कारण आई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार का लगभग एक तिहाई हिस्सा निकालता है। हालांकि कुछ जहाजों ने हाल में इस मार्ग का उपयोग किया है, लेकिन कुल ट्रांजिट अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से काफी नीचे है। इससे बाजार में आपूर्ति की चिंता बनी हुई है।
ईरानी मीडिया का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वार्ता जारी है। इस असंगति ने भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है।
तथ्य
- ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जो अमेरिकी सेना के अनुसार लक्ष्य तक नहीं पहुंचीं।
- अमेरिका ने ईरान के क़ेश्म द्वीप पर सैन्य कार्रवाई करते हुए कुछ ठिकानों को निशाना बनाया।
- ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.09% बढ़कर 97.05 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
- अमेरिकी WTI क्रूड 1.08% बढ़कर 94.77 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के तेल व्यापार का लगभग एक तिहाई हिस्सा गुजरता है।
- ईरानी मीडिया का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है।
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