हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर एक युद्धपोत और तेल टैंकर, पृष्ठभूमि में लाल रंग के साथ तनाव का माहौल।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर एक युद्धपोत और तेल टैंकर, पृष्ठभूमि में लाल रंग के साथ तनाव का माहौल।

हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू होगी या नहीं, यह तय करेगा आने वाले दिन, इस दिशा में नाटो का रुख बदलना एक क्लिष्ट लेकिन स्पष्ट संकेत है।

हॉर्मुज में नाटो की एंट्री? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, वर्तमान में ईरान के नियंत्रण में है और बंद है। इसके बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इस आर्थिक दबाव के बीच, नाटो के कई सदस्य देश अब इस रणनीतिक रूट को फिर से खोलने के लिए सैन्य हस्तक्षेप का समर्थन कर रहे हैं। यह बदलाव पिछले महीनों में अमेरिकी अपील को ठुकराने के बाद आया है।

del

28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर बमबारी के बाद ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। इसके बाद से तेल आपूर्ति में बाधा आई और कीमतों में लगातार उछाल आया। अब नाटो नेताओं की 7-8 जुलाई को अंकारा में बैठक होने वाली है, जहां इस मुद्दे पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।

del

हालांकि नाटो में अभी भी सर्वसम्मति नहीं है, कुछ सदस्य अभी भी संघर्ष में और उलझने से बचने की चिंता व्यक्त कर रहे हैं। लेकिन बढ़ते आर्थिक नुकसान और वैश्विक महंगाई के खतरे के कारण समर्थन की संभावना बढ़ रही है। यदि ईरान जुलाई की शुरुआत तक रूट नहीं खोलता है, तो नाटो की सैन्य उपस्थिति की संभावना बढ़ जाएगी।

तथ्य

  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है।
  • ईरान ने 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल की बमबारी के बाद यह रूट बंद कर दिया।
  • कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
  • नाटो के कई सदस्य अब हॉर्मुज में सैन्य मिशन का समर्थन कर रहे हैं।
  • 7-8 जुलाई 2026 को अंकारा में नाटो नेताओं की बैठक होगी।

Canto का विज़ुअल न्यूज़ एक्सप्लेनर। उत्पादन में AI टूल सहायता कर सकते हैं। संपादकीय नीति