एक अंतरिक्ष यान मंगल ग्रह के पास से उड़ते हुए, जिसके पीछे लाल ग्रह का गोलाकार दृश्य दिख रहा है और आगे अंधकार में क्षुद्रग्रह पेटी की ओर मार्ग दिखाई दे रहा है।
एक अंतरिक्ष यान मंगल ग्रह के पास से उड़ते हुए, जिसके पीछे लाल ग्रह का गोलाकार दृश्य दिख रहा है और आगे अंधकार में क्षुद्रग्रह पेटी की ओर मार्ग दिखाई दे रहा है।

सौर मंडल के गहन इतिहास की झलक, खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले किसी दोस्त के साथ समझने लायक संदर्भ देती है।

नासा ने मंगल के गुरुत्वाकर्षण से तेज किया क्षुद्रग्रह मिशन कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

नासा का साइके अंतरिक्ष यान 15 मई 2026 को मंगल ग्रह के करीब से उड़ान भरकर अपनी गति बढ़ा रहा है। इस उड़ान के दौरान यान ने मंगल के गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करके अपनी दिशा और गति में तेजी लाई, जिससे वह मंगल और बृहस्पति के बीच स्थित क्षुद्रग्रह पेटी में स्थित धात्विक क्षुद्रग्रह साइकी की ओर तेजी से बढ़ सके। यह क्षुद्रग्रह लगभग 278 किलोमीटर लंबा और धातु से समृद्ध है, जिसे एक आदिग्रह का अवशेष माना जा रहा है।

साइके अंतरिक्ष यान को 2023 में लॉन्च किया गया था और यह अब अपनी छह साल की यात्रा के आधे रास्ते पर है। यान सौर ऊर्जा से चलने वाले ज़ेनॉन इंजनों द्वारा संचालित है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि साइकी के अध्ययन से सौर मंडल के उद्भव और पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलेंगे।

अंतरिक्ष यान ने मंगल के पास से उड़ान के दौरान हजारों तस्वीरें भी लीं और वैज्ञानिक उपकरणों को सक्रिय किया। यह डेटा भविष्य के मिशनों के लिए नेविगेशन प्रणालियों को सुधारने में मदद करेगा। साइके यान के 2029 में क्षुद्रग्रह साइकी तक पहुंचने और लगभग दो साल तक उसका गहन अध्ययन करने की उम्मीद है।

तथ्य

  • 15 मई 2026 को नासा के साइके अंतरिक्ष यान ने मंगल ग्रह के करीब से उड़ान भरी, जिसके बीच की दूरी लगभग 4,500 किमी थी।
  • साइके यान ने मंगल के गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करके अपनी गति बढ़ाई और क्षुद्रग्रह पेटी की ओर अग्रसर हुआ।
  • क्षुद्रग्रह साइकी लगभग 278 किमी लंबा और धातु से समृद्ध है, जिसे एक आदिग्रह का अवशेष माना जा रहा है।
  • साइके यान 2023 में लॉन्च किया गया था और 2029 में क्षुद्रग्रह साइकी तक पहुंचने की उम्मीद है।
  • यान सौर ऊर्जा और ज़ेनॉन गैस इंजनों द्वारा संचालित है।

Canto का विज़ुअल न्यूज़ एक्सप्लेनर। उत्पादन में AI टूल सहायता कर सकते हैं। संपादकीय नीति