सुमन कल्याणपुर की एक प्रतिष्ठित तस्वीर, जहां वह एक माइक्रोफोन के सामने गाते हुए दिख रही हैं, पृष्ठभूमि में एक वर्षों पुराने स्टूडियो का दृश्य है।
सुमन कल्याणपुर की एक प्रतिष्ठित तस्वीर, जहां वह एक माइक्रोफोन के सामने गाते हुए दिख रही हैं, पृष्ठभूमि में एक वर्षों पुराने स्टूडियो का दृश्य है।

उनकी आवाज में जीवित रहेंगे गीत, इस विरासत को जानने वाले किसी दोस्त के लिए यह संदर्भ खास हो सकता है।

गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

भारतीय संगीत की प्रतिष्ठित पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 वर्ष की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं और रविवार शाम करीब 8 बजे अपने आवास पर शांतिपूर्वक निधन को प्राप्त हुईं। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को पवन हंस श्मशान घाट पर किया गया।

सुमन कल्याणपुर ने 1960 और 1970 के दशक में अपनी सुरीली आवाज से लाखों दिलों पर राज किया। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, कन्नड़, असमिया, उड़िया समेत कई भाषाओं में सैकड़ों गीत गाए। उनके प्रसिद्ध गीतों में 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे', 'ना ना करते प्यार तुम्हीं से' और 'तुमने पुकारा और हम चले आए' शामिल हैं।

गायिका ने भक्ति गीत, गज़लें और ठुमरियां भी गाईं। हालांकि उनकी आवाज की अक्सर तुलना लता मंगेशकर से की जाती थी, लेकिन कल्याणपुर ने इसे हमेशा खारिज किया। उन्होंने 2022 में एक साक्षात्कार में लता मंगेशकर को एक करीबी दोस्त बताया था। उनके परिवार में उनकी बेटी चारू हैं।

तथ्य

  • दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 वर्ष की उम्र में 31 मई 2026 को मुंबई में निधन हो गया।
  • उनका निधन उम्र संबंधी बीमारियों के कारण उनके आवास पर शांतिपूर्वक हुआ।
  • उन्होंने हिंदी, मराठी, बंगाली, कन्नड़ समेत कई भाषाओं में सैकड़ों गीत गाए, जिनमें 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' और 'तुमने पुकारा और हम चले आए' प्रमुख हैं।
  • सुमन कल्याणपुर ने लता मंगेशकर के साथ फिल्म 'चांद' के लिए एक युगल गीत भी रिकॉर्ड किया था।
  • उनका अंतिम संस्कार 1 जून 2026 को मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट पर किया गया।
  • उनकी बेटी चारू उनके परिवार में शामिल हैं।

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