केरल के तटीय इलाकों में बादल छाए हुए, मानसून के आगमन का संकेत देते हुए
केरल के तटीय इलाकों में बादल छाए हुए, मानसून के आगमन का संकेत देते हुए

मानसून की पहली बारिश से गर्मी में राहत मिलेगी, एक किसान या पर्यावरण प्रेमी इसके प्राकृतिक प्रभाव को समझने में रुचि ले सकता है।

केरल में मानसून की एंट्री कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, मलप्पुरम और अन्य जिलों में भारी बारिश की संभावना के चलते ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। इन इलाकों में कम समय में 11 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है, जिससे शहरी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के आगमन से राज्य में वर्षा गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके साथ ही समुद्री परिस्थितियां उग्र रहने और तेज हवाओं की आशंका है। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। स्थानीय निकायों ने नालों और जल निकासी मार्गों की सफाई शुरू कर दी है।

मानसून के केरल में प्रवेश करने के बाद अगले 2 से 3 हफ्तों में यह उत्तर भारत तक पहुंचेगा। इस बारिश से न केवल भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि कृषि और जल संसाधनों के लिए भी यह महत्वपूर्ण है। हालांकि, आपदा प्रबंधन एजेंसियां निगरानी और तैयारियां तेज कर चुकी हैं।

तथ्य

  • 2 जून 2026 को केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की पुष्टि हुई।
  • IMD ने पतनमतिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड और कन्नूर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
  • अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम, पथानामथिट्टा और कोझिकोड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
  • कुछ स्थानों पर 11 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश की आशंका है, जिससे शहरी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा है।
  • मानसून अगले 2-3 सप्ताह में उत्तर भारत तक पहुंचने की उम्मीद है।

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