एक वेबटून पैनल जिसमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर चार्ट में गिरावट दिखाई जा रही है और निवेशक बोली लगाने के लिए उत्साहित हैं।
एक वेबटून पैनल जिसमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर चार्ट में गिरावट दिखाई जा रही है और निवेशक बोली लगाने के लिए उत्साहित हैं।

सरकार की ओर से 8% हिस्सेदारी बिक्री का यह कदम, एक ऐसे समय जब बैंक के शेयर में गिरावट देखी जा रही है, निवेशकों के लिए एक दिलचस्प अवसर बन सकता है, खासकर उस दोस्त के लिए जो बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखता है।

सरकारी बैंक में हिस्सेदारी बिक्री पर ₹2380 करोड़ की बोलियां कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

भारत सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपनी 8% हिस्सेदारी बेचने के लिए एक ऑफर फॉर सेल (OFS) लॉन्च किया है। इसके तहत संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को ₹2380 करोड़ से अधिक की बोलियां दी हैं। प्रति शेयर का न्यूनतम मूल्य 31 रुपये तय किया गया है, जो बीएसई पर शेयर के बंद भाव से 8.58% कम है। यह बिक्री सरकार को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी मानक (25%) को पूरा करने में मदद करेगी। वर्तमान में सरकार के पास बैंक में 89.27% हिस्सेदारी है।

इस OFS में सरकार ने 32.58 करोड़ शेयर पेश किए हैं, लेकिन निवेशकों ने 76.86 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोली लगाई, जो आवंटित शेयरों का लगभग 2.36 गुना है। यदि सभी शेयर बिक जाते हैं, तो सरकार को ₹2456 करोड़ प्राप्त होंगे। ग्रीनशू विकल्प के तहत अतिरिक्त 4% हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। खुदरा निवेशक अगले दिन बोली लगा सकते हैं।

यह चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली बिक्री पेशकश है। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश और परिसंपत्ति मुद्रीकरण के माध्यम से 80,000 करोड़ रुपये जुटाना है, जो पिछले वर्ष के 33,837 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन ओवरसीज बैंक में हिस्सेदारी बिक्री के जरिए क्रमशः ₹2,624 करोड़ और ₹1,419 करोड़ जुटा चुकी है।

तथ्य

  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सरकार की 8% हिस्सेदारी बिक्री के लिए संस्थागत निवेशकों ने ₹2380 करोड़ से अधिक की बोलियां दीं।
  • प्रति शेयर न्यूनतम मूल्य 31 रुपये तय किया गया है, जो बीएसई पर बंद भाव से 8.58% कम है।
  • सरकार के पास वर्तमान में बैंक में 89.27% हिस्सेदारी है और ग्रीनशू विकल्प के तहत यह 81.27% तक घट सकती है।
  • यह चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली बिक्री पेशकश है।
  • सरकार का लक्ष्य इस वर्ष 80,000 करोड़ रुपये विनिवेश से जुटाना है।

Canto का विज़ुअल न्यूज़ एक्सप्लेनर। उत्पादन में AI टूल सहायता कर सकते हैं। संपादकीय नीति