
एक ही महीने में दूसरी पूर्णिमा के रूप में ब्लू मून दिखेगा, इस अनोखे खगोलीय नजारे के बारे में जानना उस दोस्त के लिए भी उपयोगी होगा जो आकाश की घटनाओं पर नजर रखता है।

2026 में आसमान में नीला चांद कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
31 मई 2026 को आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी, जब ब्लू मून दिखाई देगा। ब्लू मून का अर्थ चांद का नीला रंग नहीं होता, बल्कि यह उस घटना को कहा जाता है जब किसी महीने में दो बार पूर्णिमा होती है। चंद्रमा का चक्र लगभग 29.5 दिन का होता है, जो अधिकांश महीनों से कम होता है, जिसके कारण कभी-कभी एक ही महीने में दो पूर्णिमाएं हो जाती हैं।
इस बार की घटना और भी खास है क्योंकि यह एक माइक्रोमून भी है। माइक्रोमून तब होता है जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर अपोजी पर होता है। इस स्थिति में चांद आकार में सामान्य से छोटा दिखाई देता है। अपोजी पर चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 406,093 किलोमीटर दूर हो सकता है, जबकि औसत दूरी लगभग 384,400 किलोमीटर होती है।
अमेरिका, अफ्रीका और यूरोप के दर्शक 30-31 मई की रात को सबसे पूरा चांद देख सकेंगे, जबकि एशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में देखने वालों के लिए 31 मई को चांद की चमक सबसे अधिक दिखाई देगी। भारत में देखने के लिए सबसे अच्छा समय 30 मई की शाम था।
तथ्य
- 31 मई 2026 को ब्लू मून दिखाई देगा, जो एक ही महीने में दूसरी पूर्णिमा है।
- ब्लू मून हर 2 से 3 साल में एक बार होता है।
- यह ब्लू मून साथ ही माइक्रोमून भी है, जब चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर होता है।
- अपोजी पर चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 406,093 किमी दूर हो सकता है।
- अमेरिका, अफ्रीका और यूरोप में 30-31 मई की रात को चांद सबसे पूरा दिखेगा।
- भारत में ब्लू मून देखने के लिए सबसे अच्छा समय 30 मई की शाम था।
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