
अगले पांच साल में गर्मी के रिकॉर्ड टूटने की आशंका है, जो इस बदलाव को देख रहे किसी दोस्त के लिए भी समझने लायक है।

अगले 5 साल में ग्लोबल वार्मिंग का खतरा कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी जारी की है कि 2026 से 2030 के बीच वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस की सुरक्षित सीमा को पार करने की 75% संभावना है। इसके पीछे जीवाश्म ईंधन के अत्यधिक उपयोग का बड़ा हाथ है। भारत पर इसका तुरंत असर दिख रहा है, जहां राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्से भीषण लू की चपेट में हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का भी अलर्ट जारी किया है। 28 से 30 मई के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में लू चलने की संभावना है। वहीं, 29 मई को 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके आ सकते हैं।
IMD ने किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए बार-बार सिंचाई और मल्चिंग करने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, लेकिन दीर्घकालिक रुझान स्पष्ट है — जलवायु परिवर्तन तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारत इसके प्रभाव के केंद्र में है।
तथ्य
- WMO के अनुसार, 2026-2030 के बीच वैश्विक तापमान 1.5°C की सीमा पार करने की 75% संभावना है।
- राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 48.2°C तक पहुंच गया है।
- IMD ने 28-30 मई के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में लू और तूफान का अलर्ट जारी किया है।
- 29 मई को 100 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंके आने की संभावना है।
- IMD ने किसानों से फसलों की सुरक्षा के लिए मल्चिंग और नियमित सिंचाई करने की अपील की है।
Canto का विज़ुअल न्यूज़ एक्सप्लेनर। उत्पादन में AI टूल सहायता कर सकते हैं। संपादकीय नीति





