
शाहरुख का वह मजाक जिसने धर्म की चिंता को हल्के में उड़ाया, इस जोड़ी के प्यार को देख रहे किसी दोस्त के साथ समझने लायक संदर्भ देता है।

शादी के दिन शाहरुख ने गौरी से कहा: 'बुर्का पहनो, नमाज पढ़ो' कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने अपनी शादी के दिन एक ऐसा मजाक किया था जो आज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जब उनकी पत्नी गौरी के कुछ रिश्तेदार चुपचाप यह चिंता जता रहे थे कि क्या शादी के बाद गौरी का धर्म बदल जाएगा, तो शाहरुख ने गंभीर लहजे में कहा, 'चलो गौरी, उठो! बुर्का पहनो, अब नमाज पढ़ते हैं। और सुनो, आज से तुम्हारा नाम गौरी नहीं, आयशा होगा!' वहां मौजूद सभी लोग सन्न रह गए, लेकिन जैसे ही शाहरुख मुस्कुराए, सबको एहसास हुआ कि यह एक तंगड़ी थी। इस घटना ने न सिर्फ माहौल हल्का किया, बल्कि धर्म के नाम पर उठ रही बाधाओं पर भी तीखी टिप्पणी की।
शाहरुख और गौरी की प्रेम कहानी बॉलीवुड की सबसे प्रसिद्ध जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों की पहली मुलाकात 1984 में हुई थी, जब शाहरुख 18 और गौरी 14 साल की थीं। अलग-अलग धार्मिक पृष्ठभूमि के बावजूद दोनों ने 7 साल के रिश्ते के बाद 25 अक्टूबर, 1991 को शादी की। उनकी जोड़ी ने साबित किया कि प्यार धर्म और परंपरा से ऊपर हो सकता है।
शाहरुख ने इस किस्से को बाद में कई इंटरव्यू में साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि प्यार में धर्म की दीवार नहीं होनी चाहिए। उनका यह मजाक आज भी उनके फैंस के बीच लोकप्रिय है और उनके हाजिरजवाबी अंदाज का प्रमाण है।
तथ्य
- शाहरुख खान ने शादी के दिन गौरी से कहा था — 'बुर्का पहनो, नमाज पढ़ो, अब तुम्हारा नाम आयशा होगा'
- यह टिप्पणी गौरी के रिश्तेदारों की फुसफुसाहट के जवाब में थी कि क्या गौरी का धर्म बदलेगा
- शाहरुख और गौरी की शादी 25 अक्टूबर 1991 को हुई थी
- दोनों की पहली मुलाकात 1984 में हुई थी, जब शाहरुख 18 और गौरी 14 साल की थीं
- शाहरुख ने कहा कि प्यार में धर्म की दीवार नहीं होनी चाहिए
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