एक व्यक्ति एक बैंक के अंदर एक बड़े ताले को बंद करते हुए, पृष्ठभूमि में पीएफ ट्रस्ट के लिए नए नियमों के डॉक्यूमेंट के साथ।
एक व्यक्ति एक बैंक के अंदर एक बड़े ताले को बंद करते हुए, पृष्ठभूमि में पीएफ ट्रस्ट के लिए नए नियमों के डॉक्यूमेंट के साथ।

अब प्राइवेट ट्रस्ट कर्मचारियों को EPFO दर से ज्यादा से ज्यादा 2% ब्याज दे सकेंगे, इस बदलाव की वजह से एक सहकर्मी जो पीएफ योजना के बारे में सोच रहा है, इसका संदर्भ देख सकता है।

EPFO ने प्राइवेट ट्रस्ट पर लगाई रोक कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने प्राइवेट और सरकारी कंपनियों के लिए अपने पीएफ ट्रस्ट चलाने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब 1,250 से अधिक प्राइवेट ट्रस्टों को EPFO की तुलना में बेहतर या बराबर लाभ देना अनिवार्य होगा। नए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत ट्रस्ट द्वारा दिया जाने वाला ब्याज EPFO की घोषित दर से अधिकतम 2% अधिक हो सकेगा। इसके अलावा, गैर-अनुपालन की स्थिति में ट्रस्ट का एक्सेम्प्टेड स्टेटस रद्द किया जा सकता है।

यह निर्णय केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता वाली सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में लिया गया। इसका उद्देश्य 32 लाख कर्मचारियों की लगभग ₹3.50 लाख करोड़ की बचत को वित्तीय जोखिम से बचाना है। कुछ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां पहले ही अपने कर्मचारियों को 30-34% तक का ब्याज दे रही थीं, जो दीर्घकालिक स्थिरता के लिए खतरनाक माना जा रहा था।

नए नियमों में डिजिटल ऑडिट और शिकायत निवारण प्रणाली को भी शामिल किया गया है। अब फिजिकल इंस्पेक्शन के बजाय रिस्क-बेस्ड डिजिटल ऑडिट होगा। सभी प्राइवेट ट्रस्टों को EPFO से जुड़े ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल बनाना होगा। इससे कर्मचारियों को अपनी शिकायतें सीधे ऑनलाइन दर्ज कराने में सुविधा होगी।

तथ्य

  • EPFO ने प्राइवेट ट्रस्टों के लिए नया SOP मंजूर किया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने की।
  • अब प्राइवेट ट्रस्ट EPFO की दर से अधिकतम 2% अधिक ब्याज दे सकेंगे।
  • लगभग 32 लाख कर्मचारियों की ₹3.50 लाख करोड़ की बचत इन ट्रस्टों में है।
  • अब रिस्क-बेस्ड डिजिटल ऑडिट होगा, फिजिकल इंस्पेक्शन की जगह।
  • टाटा, रिलायंस, इंफोसिस, बीएचईएल, आईओसीएल जैसी कंपनियां अपने पीएफ ट्रस्ट चलाती हैं।

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