अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा के बीच एक विवादास्पद टिप्पणी को दर्शाते हुए एक भारतीय क्रिकेट मैदान का एनिमेटेड दृश्य, पृष्ठभूमि में स्नैपचैट आइकन और सोशल मीडिया टिप्पणियां।
अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा के बीच एक विवादास्पद टिप्पणी को दर्शाते हुए एक भारतीय क्रिकेट मैदान का एनिमेटेड दृश्य, पृष्ठभूमि में स्नैपचैट आइकन और सोशल मीडिया टिप्पणियां।

खेल में नस्लीय टिप्पणी की सीमा अब स्पष्ट हो रही है, इस बदलाव को देख रहे किसी दोस्त के साथ समझने लायक संदर्भ देती है।

अर्शदीप पर नस्लीय टिप्पणी का आरोप कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

भारतीय क्रिकेट में नस्लीय टिप्पणी को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जब पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह का एक स्नैपचैट वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में वह मुंबई इंडियंस के बल्लेबाज तिलक वर्मा से कहते हैं, 'ओए अंधेरे, सनस्क्रीन लगाया?' इसके बाद वह नमन धीर को 'पंजाब का असल नूर' कहते हैं। वीडियो के मजाकिया संदर्भ के बावजूद, कई लोगों ने इसे रंगभेदी टिप्पणी बताया।

पूर्व भारतीय स्पिनर एल. शिवरामकृष्णन ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया दी और ट्विटर पर लिखा कि ऐसी टिप्पणियों को 'ड्रेसिंग रूम बैंटर' कहकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अर्शदीप पर पूरे सीजन का बैन और आर्थिक जुर्माने की मांग की है। उनका तर्क है कि प्रोफेशनल क्रिकेट में जूनियर खिलाड़ी अक्सर खुलकर विरोध नहीं कर पाते, जिससे ऐसे व्यवहार बरकरार रहते हैं।

इस घटना ने बीसीसीआई के लिए नई चुनौती पैदा कर दी है, खासकर इसलिए कि बोर्ड पहले ही खिलाड़ियों के ऑफ-फील्ड व्यवहार और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सख्त एडवाइजरी जारी कर चुका है। मौजूदा आईपीएल आचार संहिता के तहत, खेल की भावना के खिलाफ जाने वाले व्यवहार की जांच मैच रेफरी या बीसीसीआई की अनुशासन समिति कर सकती है। अब यह तय करना बाकी है कि बोर्ड इसे दोस्ताना मजाक मानता है या प्रोफेशनल मर्यादा का उल्लंघन।

तथ्य

  • 14 मई 2026 को अर्शदीप सिंह ने एक स्नैपचैट वीडियो शेयर किया, जिसमें वह तिलक वर्मा को 'ओए अंधेरे' कहते हैं।
  • पूर्व भारतीय स्पिनर एल. शिवरामकृष्णन ने इसे रंगभेदी टिप्पणी बताते हुए अर्शदीप पर पूरे सीजन का बैन और आर्थिक दंड की मांग की।
  • शिवरामकृष्णन ने कहा कि अगर बीसीसीआई इस मामले में कार्रवाई करता है, तो वह अपने करियर के दौरान हुए नस्लीय दुर्व्यवहार का खुलासा करेंगे।
  • बीसीसीआई पहले ही खिलाड़ियों के ऑफ-फील्ड व्यवहार और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सख्त एडवाइजरी जारी कर चुका है।
  • आईपीएल आचार संहिता के तहत खेल की छवि खराब करने वाले व्यवहार की जांच की जा सकती है।

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