
इस बदलाव से गति और किफायत में सुधार होगा, इस विषय में रुचि रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए यह संदर्भ उपयोगी हो सकता है।

छत पर लैपटॉप जैसा एंटीना, इंटरनेट तेज कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन डिएगो (UCSD) के वैज्ञानिकों ने एरेलिंक नामक एक नई सैटेलाइट इंटरनेट तकनीक विकसित की है, जो पारंपरिक गोल डिश एंटीना की जगह ले सकती है। यह तकनीक फ्लैट, लैपटॉप जैसे एंटीना का उपयोग करती है जो बिना किसी भौतिक गति के इलेक्ट्रॉनिक रूप से रेडियो तरंगों को मोड़कर सैटेलाइट को ट्रैक करता है। इससे लगातार और बाधामुक्त डेटा संचरण संभव होता है।
एरेलिंक तकनीक फेज्ड ऐरे एंटीना पर आधारित है। वैज्ञानिकों ने 16 छोटे एंटीना पैनलों को एक किलोमीटर के दायरे में अलग-अलग छतों या टावरों पर लगाया और सॉफ्टवेयर के जरिए उन्हें जोड़कर एक बड़े डिश एंटीना के बराबर शक्ति प्राप्त की। परीक्षणों में यह प्रणाली पारंपरिक एंटीना की तुलना में तीन गुना अधिक डेटा स्पीड प्रदान करने में सक्षम निकली।
इस तकनीक के कारण अब इंटरनेट सेटअप के लिए महंगे हार्डवेयर की आवश्यकता नहीं होगी। इसे मौजूदा मोबाइल टावरों या छतों पर आसानी से लगाया जा सकता है, जिससे मोबाइल टावर सैटेलाइट ग्राउंड स्टेशन में बदल सकते हैं। इससे सैटेलाइट कंपनियों को भी अलग बुनियादी ढांचा बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आने वाले समय में उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर उच्च-गति वाला सैटेलाइट इंटरनेट और डायरेक्ट-टू-फोन कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सकती है।
तथ्य
- UCSD के वैज्ञानिकों ने एरेलिंक नामक नई सैटेलाइट इंटरनेट तकनीक विकसित की है।
- एरेलिंक फ्लैट, लैपटॉप जैसे एंटीना का उपयोग करता है जो बिना हिले सैटेलाइट को ट्रैक करता है।
- 16 छोटे एंटीना पैनलों को सॉफ्टवेयर से जोड़कर एक किलोमीटर दायरे में एक टीम की तरह काम कराया जाता है।
- परीक्षणों में यह प्रणाली पारंपरिक डिश एंटीना की तुलना में तीन गुना अधिक डेटा स्पीड देने में सक्षम निकली।
- इसे मौजूदा मोबाइल टावरों या छतों पर आसानी से लगाया जा सकता है।
- इस तकनीक से उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर उच्च-गति सैटेलाइट इंटरनेट मिल सकता है।
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