
पोस्टपेड यूजर्स को भीड़ में बेहतर स्पीड देने की यह पहल, इस विषय में रुचि रखने वाले किसी दोस्त के लिए उपयोगी संदर्भ लाती है।

एयरटेल की नई प्रायोरिटी सर्विस क्या है? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
एयरटेल ने 19 मई 2026 को 'प्रायोरिटी पोस्टपेड' नामक एक नई सेवा शुरू की, जो 5जी नेटवर्क स्लाइसिंग तकनीक पर आधारित है। इसका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे स्टेडियम, मॉल या रेलवे स्टेशनों पर पोस्टपेड यूजर्स को बेहतर और स्थिर इंटरनेट स्पीड प्रदान करना है। इस तकनीक में नेटवर्क को वर्चुअल स्लाइस में बांटा जाता है, ताकि विभिन्न उपयोगकर्ता समूहों को अलग-अलग गुणवत्ता में सेवा दी जा सके।
हालांकि, इस सेवा को लेकर नेट न्यूट्रैलिटी के सिद्धांत पर सवाल उठे। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी समिति ने एयरटेल से स्पष्टीकरण मांगा। कंपनी ने सरकार को बताया कि यह सेवा कंटेंट-न्यूट्रल है, यानी किसी ऐप या वेबसाइट को विशेष लाभ नहीं दिया जा रहा। इससे न तो किसी वेबसाइट की स्पीड कम की जाती है और न ही किसी को फ्री डेटा दिया जाता है।
एयरटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस सेवा से प्रीपेड यूजर्स पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। कंपनी के अनुसार, उसके 5जी नेटवर्क की क्षमता का केवल 38 प्रतिशत हिस्सा ही उपयोग में है और पोस्टपेड ट्रैफिक कुल उपयोग का लगभग 4 प्रतिशत है, जो इस फीचर के बाद भी 6 प्रतिशत तक रहेगा। यह सेवा भविष्य की 6जी तकनीक की नींव मजबूत करने में भी मददगार हो सकती है।
तथ्य
- एयरटेल ने 19 मई 2026 को 'प्रायोरिटी पोस्टपेड' सेवा शुरू की।
- यह सेवा 5जी नेटवर्क स्लाइसिंग तकनीक पर आधारित है।
- संचार समिति ने नेट न्यूट्रैलिटी के संदर्भ में एयरटेल से स्पष्टीकरण मांगा था।
- एयरटेल का दावा है कि इससे प्रीपेड यूजर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- कंपनी के 5जी नेटवर्क की क्षमता का केवल 38% हिस्सा उपयोग में है।
- पोस्टपेड ट्रैफिक कुल नेटवर्क उपयोग का लगभग 4% है।
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